कोटद्वार। उत्तराखंड क्रांति दल की केंद्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक के दूसरे दिन पदाधिकारियों ने लोकसभा चुनाव के दौरान संगठन की निष्क्रियता और चुनाव प्रचार में शीर्ष नेतृत्व के नदारद रहने पर सवाल उठाए। बैठक के दौरान लोकसभा चुनाव और दल के महा अधिवेशन पर चर्चा की गई। बैठक में तय किया गया कि दल का महा अधिवेशन 24 और 25 जुलाई को हरिद्वार में होगा।
बृहस्पतिवार को ठेकेदार एसोसिएशन की धर्मशाला में यूकेडी की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दूसरे दिन कई जनपद और केंद्रीय कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे। केंद्रीय अध्यक्ष दिवाकर भट्ट की अध्यक्षता में हुई बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि एक ओर जहां शीर्ष नेतृत्व दूसरी श्रेणी के नेताओं को आगे बढ़ने का मौका नहीं दे रहा है, वहीं दूसरी ओर अपने आप भी सक्रियता के साथ संगठन के लिए काम नहीं कर रहे हैं। बैठक में दल के अस्तित्व पर मंडरा रहे खतरे पर चिंता जताते हुए एकता बनाए रखने के साथ ही संगठन की मजबूती पर जोर दिया गया। पूर्व विधायक पुष्पेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियां अच्छी नहीं हैं। दल तीसरे विकल्प के रूप में प्रदेश में स्थापित है। जिलों और ब्लॉकों में दल को मजबूती प्रदान करने, दल के आगामी कार्यक्रमों और जिलों के अधिवेशन पर चर्चा की जानी चाहिए।
पूर्व अध्यक्ष त्रिवेंद्र पंवार ने कहा कि संगठन के चुनाव से जहां पार्टी को ताकत मिलती है, वहीं नए कार्यकर्ता पार्टी से जुड़े हैं। जनता के विश्वास को पुन: जीतने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अधिवेशन और संगठन के चुनाव को लेकर चुनाव आयोग को रिपोर्ट भेजी जानी चाहिए, ताकि दल की मान्यता बनी रहे। अध्यक्षीय भाषण में केंद्रीय अध्यक्ष व पूर्व मंत्री दिवाकर भट्ट ने कहा कि दल को पुन: स्थापित करने के लिए जहां एक ओर जनता का विश्वास पुन: हासिल करना होगा, वहीं राष्ट्रीय दलों से हटकर नीतियां बनाने की आवश्यकता है। बताया कि 15 जून तक सभी ब्लॉकों और जनपदों में अधिवेशन होंगे। इसके बाद विधानसभा क्षेत्रों में डेलीगेट के चुनाव 30 जून तक कराए जाएंगे। पार्टी के स्थापना दिवस पर 24 और 25 जुलाई को महाअधिवेशन हरिद्वार में आयोजित होगा।
बैठक में पूर्व अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी, पंकज व्यास, सुरेंद्र कुकरेती, किशोरीनंदन डोभाल, अवतार सिंह राणा, लयाकत हुसैन, देवेंद्र कंडवाल, अवतार सिंह राणा, विष्णुपाल सिंह रावत, सुशील उनियाल, डीडी शर्मा, शैलेश कुलेरी, गीता बिष्ट, रेखा मियां, राकेश नौटियाल, नितिन सैनी, गुलाब सिंह रावत, हयात सिंह गुसाईं, अशोक नेगी, सुमन गैरोला, मनोज कुमार, सुभाष पुरोहित, अब्बल सिंह भंडारी, एमडी शर्मा आदि मौजूद रहे। बैठक का संचालन जयप्रकाश उपाध्याय ने किया।
सदस्यों ने नेतृत्व पर उठाए सवाल, बैठक हुआ हंगामा
कोटद्वार। उक्रांद की बैठक में देवेश भट्ट के भाषण शुरू करते ही हंगामा शुरू हो गया। इस दौरान पीछे बैठे कार्यकर्ताओं ने अपनी बात न कहकर संगठन की बातों पर चर्चा करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। इस मामले में बात इतनी बढ़ गई कि अध्यक्ष दिवाकर भट्ट और पुष्पेश त्रिपाठी के बीच भी तनातनी हो गई। इस पर पुष्पेश त्रिपाठी नाराज होकर बैठक से उठकर बाहर चले गए। बढ़ती गहमागहमी को देखते हुए शीर्ष नेताओं ने कार्यकर्ताओं को शांत कराया। बाद में अध्यक्ष दिवाकर भट्ट ही पुष्पेश त्रिपाठी को मनाकर बैठक में वापस ले आए। दोनों नेताओं ने घटना पर खेद जताते हुए एक दूसरे से माफी मांगी।