कोटद्वार। नैनीताल हाईकोर्ट के सभी निकायों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाए जाने के आदेश से नगर निगम प्रशासन पसोपेश में है। निगम की दिक्कत यह है कि उसके पास सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए संसाधन और उपकरण तो पर्याप्त हैं, लेकिन झूलाबस्ती का पुराना ट्रंचिंग ग्राउंड छोटा पड़ रहा है। इसके कारण नगर निगम को नए ट्रंचिंग ग्राउंड की दरकार है। निगम की ओर से मालन नदी के किनारे हल्दूखाता में वन विभाग से एक हेक्टेयर वन भूमि मांगी गई है।
कोटद्वार नगर निगम क्षेत्र की 1,35000 की आबादी से रोजाना करीब 30 टन कचरा एकत्र किया जाता है, जिसके निस्तारण के लिए नगर निगम के पास पर्याप्त स्थान नहीं है। खोह नदी के पास ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए मात्र आधा हेक्टेयर भूमि उपलब्ध है, जिसमें कूड़े के लिए पर्याप्त स्थान नहीं मिल रहा है। निगम की ओर से वन विभाग से एक हेक्टेयर भूमि के लिए प्रस्ताव लंबित चल रहा है।
नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त राजेश नैथानी का कहना है कि निगम ने ट्रंचिंग ग्राउंड में जैविक कचरे से खाद बनाने के लिए ब्रह्मी कंपोस्ट खाद बनाने के लिए 40 पिटों का निर्माण किया है। इसमें केंचुए जैविक कचरे से खाद बना रहे हैं। वहीं, प्लास्टिक कचरा निस्तारण के लिए एक कंपैक्ट मशीन को लगाया गया है। इसमें प्लास्टिक कचरे से प्लास्टिक की सिली बनाई जा रही है। पर्याप्त स्थान न होने के कारण इसमें दिक्कत हो रही है, जिसके लिए नए ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए कवायद तेज कर दी गई है।
नगर निगम के सफाई निरीक्षक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए ऑनलाइन आवेदन किया गया है। वन विभाग से भूमि हस्तांतरित होने के बाद बड़ा ट्रंचिंग ग्राउंड बनाया जाएगा, जिससे कूड़े के निस्तारण की समस्या का समाधान हो सकेगा।
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झूलाबस्ती स्थित पुराना ट्रंचिंग ग्राउंड