कोटद्वार। नगर निगम बनने के बाद राशन कार्ड सत्यापन को लेकर प्रशासन द्वारा लिए जा रहे आयु प्रमाणपत्रों पर नगर निगम के पार्षदों ने जमकर हंगामा काटा। उन्होंने आयु प्रमाणपत्रों के औचित्य पर सवाल उठाते हुए प्रशासन पर लोगों को अनावश्यक परेशान करने का आरोप लगाया।
मंगलवार शाम को नगर निगम सभागार में राशन कार्ड के सत्यापन को लेकर आ रही परेशानी के समाधान को लेकर एसडीएम कमलेश मेहता ने पार्षदों की बैठक बुलाई थी। एसडीएम के पहुंचते ही पार्षदों ने प्रशासन और खाद्य आपूर्ति विभाग पर राशन कार्ड सत्यापन के नाम पर लोगों को परेशान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रशासन एक ओर आयु प्रमाणपत्र के आधार पर राशन कार्ड की श्रेणी निर्धारित कर रहा है, लेकिन तहसील में सभी प्रमाणपत्र फर्जी बन रहे हैं। लोग मनमाने तरीके से अपनी आय दिखाकर कार्ड बना रहे हैं। इसकी जांच करने वाला कोई नहीं है। यही नहीं, राशन कार्ड को कैंसिल करने पर भी शपथपत्र लेकर अनावश्यक लोगों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कार्ड बनाने के लिए नगर निगम के निवास प्रमाण पत्रों को भी औचित्यहीन बताया। कहा कि कोटद्वार के 70 गांवों को मिलाकर नगर निगम का निर्माण किया गया है। नगर निगम के पास पूरे क्षेत्र का डाटा है, लोग पूर्व में आयु प्रमाण पत्र देकर कार्ड बना चुके हैं। ऐसे में नए आयु प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र के लिए लोगों को आर्थिक और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने पुराने कार्ड के आधार पर नए कार्ड बनाने की मांग की।
एसडीएम कमलेश मेहता ने कहा कि राशन कार्ड के सत्यापन के लिए आयु प्रमाण पत्र का लगाना आवश्यक है। राशन कार्ड बनाने के लिए लोग अपने दस्तावेज सरकारी सस्ता गल्ला दुुकान में जमा कर सकते हैं। फर्जी आयु प्रमाण पत्र पाए जाने पर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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