राजकीय मेडिकल कालेज से संबद्ध बेस अस्पताल के हड्डी रोग और निश्चेतक विभाग के चिकित्सकों ने 102 वर्षीय बुजुर्ग के कूल्हे की हड्डी (हिपबोन) का सफल आपरेशन किया है। बुजुर्ग की स्थिति सामान्य है। डेढ़ माह बाद बुजुर्ग अपने पैरों में चल सकेंगे।
बेस अस्पताल में लगभग 20 दिन पूर्व रुद्रप्रयाग निवासी जवाहर सिंह को हड्डी रोग विभाग में चेअकप के लिए लाया गया। 102 वर्षीय जवाहर की गिरने की वजह से कूल्हे की हड्डी टूट गई थी। उम्र अधिक होने से कूल्हे की हड्डी को जोड़ने का आपरेशन जटिल और खतरनाक था। इसके अलावा मरीज की याददाश्त भी गायब थी।
ऐसे में चिकित्सकों के समक्ष यह संकट था कि ऐसी अवस्था में कैसे आपरेशन किया जाए। यदि आपरेशन नहीं होता, तो मरीज बैठ नहीं पाता और बिस्तर में ही लेटा रहता। जिससे बेड सोक (लेट रहने से शरीर में घाव) का खतरा रहता।
बुजुर्ग का आपरेशन करने वाले एसोसिएट प्रोफेसर डा. दयाकृष्ण टम्टा ने बताया कि उम्र अधिक होने से हार्ट व फेफड़े धीमी गति से काम करते हैं। ऐसे में खतरा बना रहता है। मरीज के खून, रक्तचाप व मधुमेह की जांच के बाद शुक्रवार को आपरेशन किया गया।
करीब डेढ़ घंटे तक चले आपरेशन में मरीज की कूल्हे की हड्डी को जोड़ दिया गया। उन्होंने बताया कि एक हफ्ते बाद मरीज बैठ सकेगा और डेढ़ माह बाद चलने-फिरने लायक हो जाएगा। डा. टम्टा ने बताया कि उम्र अधिक होने के कारण आपरेशन काफी रिस्की था, लेकिन चिकित्सकों के सामूहिक प्रयास से आपरेशन सफल रहा। आपरेशन में निश्चेतक विभागाध्यक्ष डा. सुरेंद्र सिंह व सहायक प्रो. सतेंद्र यादव आदि का सहयोग रहा।