कोटद्वार। कण्वाश्रम विकास समिति ने वन एवं पर्यावरण मंत्री डा. हरक सिंह रावत से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। समिति ने कण्वाश्रम को स्वच्छ आइकॉनिक स्थल घोषित करने पर खुशी जताते हुए वहां पर परीक्षण उत्खनन की अनुमति दिलाने और वहां से अन्यत्र ले जाई गई देवमूर्तियों को वापस कण्वाश्रम में लाने की मांग की।
कण्वाश्रम विकास समिति के अध्यक्ष कमांडर बीएस रावत (रिटा.), महामंत्री आभा डबराल, मंत्री चंद्रप्रकाश नैथानी ने क्षेत्र के भ्रमण पर आए वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत से मुुलाकात कर उन्हें कण्वाश्रम के विकास के बारे में जरूरी कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि समिति के प्रयासों से भारत सरकार द्वारा कण्वाश्रम को राष्ट्रीय स्तर पहचान मिल पाई है। स्वच्छता अभियान में राष्ट्रीय स्तर पर चयनित 30 स्थानों में कण्वाश्रम को सम्मिलित किया जाना गौरव की बात है। भारतीय पुरातत्व विभाग नई दिल्ली ने उक्त स्थल पर खुदाई करने की अनुमति गत 19 मार्च को प्रदान की है, जिसके लिए औपचारिक अनुमति वन विभाग से एनओसी के रुप में मिलनी जरूरी है। बताया कि समिति के सदस्य 6 मई को उनके संज्ञान में भी यह मामला लाए थे, लेकिन एनओसी अब तक प्राप्त नहीं हुई है। कहा कि वर्ष 2012 में कण्वाश्रम से प्राप्त जो मूर्तियां वन विभाग के अधिकारियों ने गुरुकुल कांगड़ी हरिद्वार को दी हैं, उन्हें कण्वाश्रम में वापस लाया जाना चाहिए। वन मंत्री ने समिति के पदाधिकारियों को कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।