बाबा केदारनाथ शीतकाल के छह माह के लिए अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में विराजमान हो गए हैं। अब शीतकाल के छह माह तक ओंकारेश्वर मंदिर में ही बाबा की पूजा-अर्चना की जाएगी।
बाबा की डोली ऊखीमठ रवाना
गुरुवार सुबह आठ बजे बाबा की उत्सव डोली की विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी में विधि-विधानपूर्वक पूजा अर्चना की गई। इसके बाद डोली ने भक्तों को आशीर्वाद दिया और मंदिर की परिक्रमा कर अंतिम पड़ाव ऊखीमठ को रवाना हुई। गुप्तकाशी से होते हुए विद्यापीठ व अन्य स्थानों से गुजकर बाबा की उत्सव डोली लगभग साढ़े बारह बजे ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंची।
विद्यापीठ पहुंचने पर आयुर्वेदिक फार्मेसी और संस्कृत महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा डोली की अगुवानी की गई।
ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचने पर डोली ने मंदिर की परिक्रमा की। इसके बाद डोली को सभा मंडप में विराजमान किया गया। वेदपाठियों व पुजारियों द्वारा विधि विधानपूर्वक पूजा अर्चना कर भोग मूर्ति को गर्भ गृह में स्थापित किया गया।
डोली के साथ केदारनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी बागेश लिंग, मंदिर समिति के कार्याधिकारी अनिल शर्मा, यात्रा प्रभारी सुरेशानंद मैंदुली समेत कई श्रद्धालु शामिल थे।