उत्तराखंड में खाट गांव के नीचे केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर हो रहा भू-धंसाव शनिवार को रुक गया, जिससे बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) को काम करने का मौका मिला।
बीआरओ ने काफी बड़े हिस्से में हिल कटिंग के साथ ही क्रेट वायर वॉल लगा दी। अपराह्न चार बजे तक यहां से मशीन भी क्रास हो गई। फिलहाल सड़क पैदल चलने लायक बन गई है। बीआरओ ने 5.45 पर सड़क आवागमन के लिए खोल दी है। हालांकि वाहन अभी फाटा से गुप्तकाशी की ओर ही आ रहे हैं, जबकि जा नहीं रहे हैं।
भू-धंसाव से राजमार्ग अवरुद्ध था
16 अक्टूबर की शाम को फाटा से करीब आधा किमी पहले और जिला मुख्यालय से करीब 55 किमी दूर खाट गांव के नीचे भू-धंसाव से राजमार्ग अवरुद्ध हो गया था। तब से इस स्थान पर वाहनों की आवाजाही बाधित है। यात्री और स्थानीय जनता करीब दो किमी पैदल आवाजाही कर रही है। बीआरओ के द्वितीय कमान अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि दोनों ओर डोजर काम कर रहे हैं। एक मशीन दूसरे छोर पर पहुंच गई है। सड़क लगभग चार मीटर चौड़ी हो गई है। शाम पौने छह बजे मार्ग खोल दिया गया है।
टीम लगाएगी भू-धंसाव के कारणों का पता
खाट गांव के नीचे हो रहे भू-धंसाव के कारणों का पता लगाने के लिए जिला प्रशासन ने पांच सदस्यीय तकनीकी कमेटी गठित की है। टीम ने प्रभावित क्षेत्र में जाकर सर्वे शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी डा. राघव लंघर ने बताया कि बीआरओ के कमान अधिकारी, सिंचाई और लोनिवि के ईई, लेंको के इंजीनियर और भू-वैज्ञानिक की टीम बनाई गई है।
टीम एक-दो दिन में रिपोर्ट दे देगी। डीएम ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत थी की जल विद्युत परियोजना की सुरंग के कारण गांव के नीचे भू-धंसाव हुआ है। इधर, प्रभावित ग्रामीण वंशीधर कंर्मांचली , महिमानंद, आनंद, महेश, गोविंद ने बताया कि भवनों में दरारें आ रही हैं। स्कूल भी क्षतिग्रस्त हो गया है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र ट्रीटमेंट की मांग की है।