उत्तराखंड में आपदा के बाद शुरू हुई सड़कें लगातार खराब हो रही हैं। विराजकुंज के पास सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने सुनाली गदेरे के वैकल्पिक पुल हटा दिया है। उन्होंने पुराने पुल तक पहुंचने के लिए शनिवार को एप्रोच मार्ग का निर्माण किया। इस दौरान शनिवार को बदरीनाथ हाईवे छह घंटे अवरुद्ध रहा।
दिक्कतों का सामना करना पड़ा
बीआरओ की ओर से हाईवे पर एप्रोच रोड बनाने के दौरान आवागमन बंद रखने की सूचना देने के बावजूद प्रशासन ने इसे सार्वजनिक नहीं किया। ऐसे में स्थानीय लोगों के साथ ही तीर्थयात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बीआरओ ने सुबह 10 बजे पुल हटाने का कार्य शुरू किया। इस दौरान स्थायी पुल तक पहुंचने के लिए पत्थर और मिट्टी का भरान कर एप्रोच रोड बनाई गई। शाम चार बजे ही हाईवे वाहनों की आवाजाही के लिए खुल पाया। इस बीच हाईवे अवरुद्ध होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
हाईवे खुलने का इंतजार
कई स्थानीय लोगों ने तो लंगासू तक करीब सात किमी की दूरी पैदल की नापी। बदरीनाथ से तीर्थयात्रा कर लौट रहे प्रेम प्रकाश सहाय का कहना है कि वे सुबह दस बजे से हाईवे खुलने का इंतजार कर रहे हैं। दिनभर हाईवे के बंद होने से उनका वापसी का शेड्यूल बिगड़ गया है।
बीआरओ ने हाईवे पर विराजकुंज में वैकल्पिक पुल हटाने के लिए 7-8 अक्तूबर की सूचना दी थी। उस समय नवरात्र की पूजा को देखते हुए अनुमति नहीं दी गई। शनिवार को हाईवे पर कार्य करने और यातायात बंद करने की सूचना नहीं दी गई थी। राजमार्ग पर यातायात बाधित रहा है, तो इसे दिखवाया जाएगा। - एसए मुरुगेशन, जिलाधिकारी, चमोली