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चारधाम यात्रा 2020: तय तिथि पर ही खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट, पुजारी समेत 16 लोग ही जाएंगे डोली के साथ

Tue, 21 Apr 2020 06:39 PM IST
प्राची प्रियम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उत्तराखंड
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केदारनाथ - फोटो : अमर उजाला
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केदारनाथ धाम के कपाट पूर्व निर्धारित तिथि 29 अप्रैल को ही खुलेंगे। कपाटोद्घाटन मेष लग्न में सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर होगा। बाबा केदार की पंचमुखी भोगमूर्ति चल विग्रह उत्सव डोली में विराजमान होकर पंचकेदार गद़्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ से अपने धाम के लिए 26 अप्रैल को प्रस्थान करेगी। जिसमें पुजारी समेत 16 लोग ही धाम जाएंगे। 

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देवस्थापन बोर्ड के प्रभारी बीडी सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया गया। फैसले से शासन, प्रशासन को भी अवगत करा दिया गया है। इससे पूर्व ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में केदारनाथ के कपाट खुलने की तिथि को बदले जाने के संबंध में चर्चा हुई।

मंदिर समिति के वेदपाठी, पुरोहित समाज, समिति के दस्तूरदार, पंचगाईं और गौंडार के प्रतिनिधियों ने एक सुर में कहा कि शीतकालीन गद्दी स्थल में हमेशा से महाशिवरात्रि पर पंचांग गणना से केदारनाथ के कपाट खुलने की तिथि तय होती है, इसलिए इसे यथावत रखा जाए। ऐसे में केदारनाथ के कपाट खुलने की तिथि में कोई बदलाव न किए जाने का निर्णय लिया गया।
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जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि केदारनाथ धाम के कपाट खुलते वक्त मुख्य पुजारी सहित केवल 16 लोग ही मौजूद रहेंगे। भक्तों को फिलहाल दर्शन करने की अनुमति नहीं है।

क्वारंटीन में चल रहे रावल को दी गई जानकारी
एसडीएम वरुण कुमार अग्रवाल की मौजूदगी में हुई बैठक में विचार-विमर्श के बाद प्रतिनिधि के तौर पर प्रभारी अधिकारी बीडी सिंह ने क्वारंटीन में चल रहे रावल भीमाशंकर लिंग को केदारधाम के कपाट खुलने की तिथि में कोई बदलाव न होने के निर्णय की जानकारी दी। इस पर रावल ने खुशी जताई और तिथि को आधिकारिक रूप से घोषित कर दिया।

बैठक में सामाजिक दूरी का किया पालन
ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में हुई बैठक में सामाजिक दूरी का पालन किया गया। सभी लोग एक-दूसरे से एक मीटर से अधिक की दूरी पर मास्क लगाकर बैठे थे। बैठक में वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित श्रीनिवास पोस्ती, केदार सभा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला, पंचगाईं के दस्तूरदार और पूर्व प्रमुख लक्ष्मी प्रसाद भट्ट, वेदपाठी स्वयंबर सेमवाल, यशोधर मैठाणी, देवेशानंद जमलोकी मौजूद रहे।

बाबा केदार की चल विग्रह डोली का कार्यक्रम

26 अप्रैल- शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ से प्रस्थान कर बाबा केदार की डोली गुप्तकाशी होते हुए रात्रि प्रवास के लिए पहले पड़ाव फाटा पहुंचेगी।
27 अप्रैल- फाटा से प्रस्थान कर डोली सीतापुर, रामपुर, सोनप्रयाग होते हुए रात्रि प्रवास के लिए गौरीकुंड पहुंचेगी।
28 अप्रैल- बाबा केदार की चल विग्रह डोली गौरीकुंड से प्रस्थान कर जंगलचट्टी, भीमबली, रामबाड़ा, लिनचोली, रुद्रा प्वाइंट होते हुए अपने धाम पहुंचेगी।

चंद्रमा का दान होगा
बाबा केदार की डोली के अपने धाम प्रस्थान से पूर्व ओंकारेश्वर मंदिर में विधि-विधान के साथ चंद्रमा का दान भी किया जाएगा। इसके बाद डोली मंदिर की परिक्रमा करते हुए धाम के लिए रवाना होगी।

पुजारी शिव शंकर लिंग करेंगे केदारनाथ में पूजा
इस वर्ष यात्राकाल में केदारनाथ धाम में मुख्य पुजारी के तौर पर शिव शंकर लिंग को तैनात किया गया है। वे बाबा केदार की पूजा-अर्चना कर अन्य धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करेंगे।

बाबा केदार की डोली के साथ पुजारी समेत जाएंगे 16 लोग

26 अप्रैल को पंचकेदार गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से बाबा केदार की चल विग्रह उत्सव डोली के साथ मुख्य पुजारी समेत 16 लोग ही केदारनाथ जा सकेंगे। तहसील प्रशासन ने सूची तैयार कर अनमुति के लिए जिलाधिकारी को भेज दी है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जारी लॉकडाउन व सामाजिक दूरी के पालन को लेकर यह निर्णय लिया गया है। साथ ही डोली कार्यक्रम के दौरान भी लोगों से ऊखीमठ से गौरीकुंड तक सड़क पर नहीं आने की अपील की गई है।

रविवार को बाबा केदार की डोली अपने धाम के लिए शीतकालीन गद्दी स्थल ऊखीमठ से प्रस्थान करेगी। इस बार डोली के साथ धाम के लिए नियुक्त मुख्य पुजारी शिव शंकर लिंग, डोली ले जाने वाले 6 जमाणी, वाद्य यंत्रों के साथ तीन लोग, धाम में बाबा केदार का भोग बनाने के लिए एक व्यक्ति, बाबा की रूप छड़ी ले जाने के लिए दो लोग, देवरा प्रभारी व एक अन्य व्यक्ति को शामिल किया गया है। इस 16 सदस्यीय सूची को तैयार कर उप जिलाधिकारी द्वारा अनुमति के लिए डीएम को भेज दिया गया है। एसडीएम वरूण अग्रवाल ने बताया कि लॉकडाउन के पालन को लेकर यह निर्देश लिया गया है।

डोली प्रस्थान के दौरान सड़कों पर नहीं आएं भक्त
प्रशासन ने बाबा केदार की डोली के धाम प्रस्थान के दौरान पंचकेदार गद्दीस्थल से गौरीकुंड तक भक्तों से अपने घरों से ही दर्शन करने की अपील की है। वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए बाबा केदार की डोली प्रस्थान कार्यक्रम में किसी भी स्थान पर सड़क या रास्ते पर नहीं आने को कहा गया है। वयोवृद्ध तीर्थ पुरोहित श्रीनिवास पोस्ती के सुझाव पर देवस्थान बोर्ड और प्रशासन द्वारा लोगों को जागरूक करने के लिए अगले दो दिनों में लाउडस्पीकर से अपील की जाएगी।
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केदारधाम के रावल की कोरोना जांच, सैंपल हल्द्वानी भेजे गए

होम क्वारंटाइन किए गए केदारनाथ के रावल भीमाशंकर लिंग के साथ ही अन्य पांच लोगों के सैंपल कोरोना जांच को हल्द्वानी भेजे गए हैं। सैंपल की जांच रिपोर्ट तीन दिन में आने की उम्मीद है। फिलहाल उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच की जा रही है।

सैंपल लेने रूद्रप्रयाग से मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की दो सदस्यीय टीम ओंकारेश्वर मंदिर पहुंची थी। राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय, ऊखीमठ के चिकित्साधिकारी डॉ. सचिन चौबे ने बताया कि रावल भीमाशंकर लिंग समेत अन्य लोग स्वस्थ हैं। जांच नियमित की जा रही है।

इसी 19 अप्रैल को रावल भीमाशंकर अपने तीन सेवादारों और दो चालकों के साथ महाराष्ट्र राज्य के नांदेड़ से ऊखीमठ पहुंचे हैं। यहां उन्हें होम क्वारंटीन किया गया। इससे पहले चिकित्सकीय दल ने थर्मल स्कैनिंग समेत उनकी अन्य जांचें की थीं।  डीएम मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि कोरोना को लेकर किसी भी तरह संदेह को खत्म करने के लिए ही सैंपल लिए गए हैं। जिले में लिए गए 20 सैंपल में से अभी तक 14 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
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