केदारधाम के पुनर्निर्माण की ओर एक कदम बढ़ा है। बुधवार को कई संस्थानों के विशेषज्ञों की टीम मंदिर और इसके परिसर के मुआयने के लिए रवाना होगी।
इसमें आर्कियोलाजिकल सर्वे आफ इंडिया (एएसआई), वाडिया इंस्टीट्यूट आफ हिमालयन जियोलाजी और आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञ शामिल हैं। फिलहाल, टीम सड़क मार्ग से रवाना हो रही है। गुप्तकाशी से आगे इसके लिए चापर की व्यवस्था की बात कही जा रही है।
एएसआई (दून सर्किल) के अधीक्षण पुरातत्वविद् अतुल भार्गव के अनुसार रवाना होने वाली टीम में कुल आठ विशेषज्ञ शामिल हैं, जिनमें एएसआई के चार, वाडिया इंस्टीट्यूट आफ हिमालयन जियोलाजी और आईआईटी रुड़की के दो-दो वैज्ञानिक रहेंगे।
एएसआई के विशेषज्ञों का काम मंदिर और इसके परिसर के पुनरीक्षण का होगा, जबकि वाडिया और आईआईटी रुड़की के वैज्ञानिक परिसर के आस-पास के क्षेत्र का जायजा लेंगे। जियोग्राफिकल सर्वे आफ इंडिया के विशेषज्ञों को भी टीम के संग रवाना होना था, लेकिन उनमें सहमति नहीं बन सकी।
क्या और भी हुआ नुकसान...
एएसआई के विशेषज्ञ पुनरीक्षण के लिए पूर्व में आई टीम के खींचे गए केदारनाथ मंदिर के चित्रों का भी सहारा लेगी। इनके आधार पर देखा जाएगा कि जहां पहले से मंदिर की दीवारों या परिसर को नुकसान पहुंचा है, क्या हालिया बारिश से भी इन स्थानों पर कोई असर पड़ा है। इन स्थानों का किस तरह से पुनरुद्धार किया जाए, यही सुझाव टीम देगी।