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विदेशियों के दिल में 'टिक-टिक' करती अपनी वॉच

Sun, 22 Sep 2013 12:01 PM IST
अमर उजाला, हल्द्वानी
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भारतीयों के दिलों पर राज करने वाली एचएमटी घड़ियां विदेशों में भी धूम मचा रही हैं। हांगकांग, स्विट्जरलैंड और जापान से मैकेनिकल घड़ियों की खूब डिमांड आ रही है।
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हांगकांग में कंपनी का शोरूम भी खुला हुआ है। ये घड़ियां कंपनी की रानीबाग यूनिट में ही बनाई जाती है। एचएमटी कंपनी की बंगलूरू यूनिट 1953 में लगी थी।

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क्वर्ट्ज घड़ियों में सोना
आजादी के कुछ सालों बाद जब क्वर्ट्ज घड़ियों में सोना, पायलट, जनता घड़ियां बाजार में आई तो भारतीयों के चेहरे खिल उठे।

बाजार में तमाम कंपनियों की घड़ियां आई, लेकिन एचएमटी के किफायती दाम और बेहतरीन लुक वाली घड़ियों ने अन्य कंपनियों को टिकने नहीं दिया।

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बाजार में धूम
एक दशक पूर्व तक एचएमटी घड़ियों की बाजार में धूम रहती थी। केंद्र सरकारों के रुख मोड़ने से एचएमटी घड़ी की टिक-टिक धीमी होती गई बावजूद इसके एचएमटी घड़ियों का अपना क्रेज है।

हरियाणा, लुधियाना, यूपी, पंजाब में घड़ियों की खूब ब्रिकी हैं। कोहनूर घड़ी ने लोगों के दिलों पर ऐसी छाप छोड़ी है कि यह बुजुर्गों की पसंद बन गई। अब तो एचएमटी की मैकेनिकल घड़ियां विदेशों में भी खूब बिक रही हैं।
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मैकेनिकल घड़ी के लिए डिमांड
स्विट्जरलैंड से मैकेनिकल घड़ी के लिए डिमांड आती है। सूत्रों के अनुसार रानीबाग यूनिट में स्विट्जरलैंड से डिमांड आने पर 5-5 हजार घड़ियां तैयार की गई। हांगकांग में शोरूम होने से एचएमटी की अलग की छाप है।

आटोमेटिक में न चाबी, न सेल
एचएमटी की आटोमेटिक घड़ी की पंजाब और हरियाणा में खूब डिमांड है। इस घड़ी में न चाबी लगती और न सेल पड़ता है। इसे आठ घंटे कलाई में बांधने पर 24 घंटे नॉन स्टॉप चालू रहती है।
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