ग्राम मंथल के स्यांरी में बादल फटने से 40 से अधिक आम के पेड़ और तकरीबन सौ नाली भूमि बह गई। तीन परिवारों के मकान खतरे की जद में आ गए हैं।
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भारी मलबा आने से टिपरी-घनसाली-श्रीनगर मोटर मार्ग दिनभर बंद रहा। मंथल के ऊपर ग्वालखा में लगातार हो रहे भूधंसाव से सौ नाली से अधिक खेती चौपट हो गई है। मंदार के खोला नामे तोक में भूधंसाव होने से पदम सिंह और ओंकार सिंह का मकान दब गया। अन्य लोगों के मकान खतरे की जद में आ गए। ग्रामीणों को घर खाली कर गांव में शरण लेनी पड़ी है।
सुबह साढ़े नौ बजे बादल फटा
खास पट्टी के स्यांरी नामे तोक में मंगलवार सुबह साढ़े नौ बजे बादल फटा। देखते ही देखते कई नाली कृषि भूमि और आम-चीड़ के पेड़ मलबे में बह गए। गांव के भरत सिंह, गोकुल सिंह पंवार, सव्वल सिंह के मकान के आगे बादल फटने से उनके मकान खतरे की जद में आ गए हैं।
स्यांरी से आए मलबे से मखड़ाली में टिपरी-घनसाली मोटर मार्ग शाम छह बजे तक बंद रहा। टिपरी-जाखणीधार मोटर मार्ग से आए बरसाती पानी ने चौरियांधार और कोटी की 50 नाली से अधिक खेती चौपट हो गई।
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