दून के पर्यटन स्थलों की स्थिति सुधर सकेगी। राज्यपाल डॉ. केके पाल ने पर्यटन विभाग से सभी पर्यटक स्थलों का ब्योरा
मांगा है। विभाग इस तैयारी में जुटा हुआ है। विभाग को उम्मीद है कि सभी स्थलों में सड़क, बिजली, पार्किंग, शौचालय की व्यवस्था हो सकेगी।
राज्यपाल के आदेशों के बाद दून जिले के 13 पर्यटक स्थलों का ब्योरा मुख्यालय को भेज दिया गया है। जिस तरह से राज्यपाल का रुख पर्यटक स्थलों को सुधारे जाने को लेकर है, उससे पर्यटकों को जल्द ही अधिक सुविधाएं मिल सकेंगी।
- वाइके गंगवार, डिप्टी डायरेक्टर, पर्यटन विभाग
किन पर्यटक स्थलों में क्या होने हैं काम
सहस्त्रधारा - नदी के दोनों ओर वॉक वे बनाना, नदी में चक डैम बनाना, बिजली की पर्याप्त व्यवस्था आदि।
गुच्चूपानी - पार्किंग सुविधा, सौंदर्यीकरण, सुविधा केंद्र विकसित करना आदि।
ऋषिकेश - यात्रा बस अड्डे का विस्तार, पंजीकरण के लिए बिल्डिंग आदि की व्यवस्था।
राजाजी नेशनल पार्क - जानकारी सेंट, टीन शेड, शौचालय, बैठने आदि की व्यवस्था करना।
लच्छी वाला - रेस्ट हाउस की मरम्मत, चार शौचालय, चेंजिंग रूम, मरम्मत कार्य।
मालसी डियर पार्क - शौचालय, वेस्ट मैनेजमेंट व्यवस्था, बैंक-एटीएम आदि की व्यवस्था।
भट्टा फाल मसूरी - चेकडैम बनाना, कैंटीन का विस्तार, व्यू प्वाइंट बनाना, जलाशयों में बोटिंग आदि।
जार्ज एवरेस्ट - रोड कनेक्टिविटी कार्य, मूलभूत सुविधाएं, पेयजल व्यवस्था आदि।
आसन बैराज - बर्ड व्यू प्वाइंट बनाना, कॉटेज बन रहे हैं, जिनका संचालन सही तरीके से कराया जाए।
चकराता - पुरानी तहसील वाली जगह पर पर्यटन विभाग की ओर से रेस्ट हाउस बनाना है।
टाइगर फाल - रोड कनेक्टिविटी, फॉल से दो सौ मीटर तक गाड़ियों के लिए रास्ते का निर्माण आदि।
हनोल - ए डीबी की ओर से काम हो रहा है। पार्किंग, घाट, रास्ता आदि कार्य।
डाकपत्थर में हैं सभी सुविधाएं
एक ओर राज्यपाल के आदेशों का पालन करते हुए पर्यटन विभाग सभी जानकारियां जुटा रहा है। पर्यटन स्थलों का कायाकल्प किए जाने की योजना बन रही है तो वहीं इसमें सभी जगहों से सहयोग नहीं मिल पा रहा है।
डाकपत्थर का डाक बंगला और अन्य कार्य सिंचाई विभाग के अधीन है। ऐसे में जब पर्यटन विभाग की ओर से डाकपत्थर में सुविधाएं दिए जाने के लिए सिंचाई विभाग के संबंधित ईई से बात की गई तो उनका जवाब था कि यहां सभी सुविधाएं हैं, किसी कार्य की जरूरत नहीं है। अजीब हाल है, जबकि डाकपत्थर जैसी खूबसूरत जगह पर कई काम करने बाकि है, जिससे उसे निखारा जा सकता है।