अब भला आप उत्तराखंड परिवहन की बसों को खटारा कह लें उससे क्या फर्क पड़ता है। आपको कोई अधिकार नहीं है कि आप रोडवेज को खटारा कहें...फिर चाहे आपने यात्रा के पूरे पैसे ही क्यूं न चुकाए हों।
रोडवेज की वर्कशॉप में कर्मचारी बिना उपकरणों के ही अपने हुनर से आपकी यात्रा को मंगलमय बनाए हुए हैं। कर्मचारियों की माने तो वर्कशॉप में कई महत्वपूर्ण उपकरणों का अभाव है।
हाईटेक नहीं बस जुगाड़
भले ही उत्तराखंड परिवहन निगम के अधिकारी रोडवेज को हाईटेक बनाने के कितने ही दावे करे, लेकिन उत्तराखंड परिवहन निगम की असलियत हरिद्वार स्थित रोडवेज वर्कशाप में झलकती है।
वर्कशाप में कर्मचारी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। रोडवेज के अधिकारी कर्मचारियों की बात सुनने को तैयार नहीं हैं। रोडवेज वर्कशाप में गाड़ियों की वेल्डिंग करने की वायर खराब है।
कर्मचारी करते हैं जुगाड़
जान जोखिम में डालकर कर्मचारी जैसे तैसे जुगाड़ कर गाड़ियों की वेल्डिंग कर रहे हैं। कर्मचारियों के पास पर्याप्त वेल्डिंग स्क्रीन तक नहीं है। वेल्डिंग के दौरान पहने जाने वाले दस्ताने भी नहीं हैं।
पूरे वर्कशाप में केवल फोरमैन के काउंटर पर ही पंखा टंगा है। अन्य कर्मचारियों के लिए पंखे की सुविधा तक नहीं है। अधिकारी किसी को सुनने को तैयार नहीं है।
ट्रेंचिंग ग्राउंड बना रोडवेज वर्कशाप
वर्कशाप में चारों ओर कूडे़ का अंबार लगा हुआ है। कूडे़ में गाड़ियों की क्षतिग्रस्त सीटों के कवर, पाइप के टुकड़े, लोहे के टुकड़े, कपड़े के टुकड़े आदि पडे़ हुए हैं। गाड़ियों की धुलाई के लिए बने पानी के टैंक के पास भी कूड़ा पड़ा हुआ है।
टायलेट का बुरा हाल
रोडवेज वर्कशॉप में प्रसाधन की भी व्यवस्था नहीं है। वर्कशाप में बने शौचालय गंदगी से अटे पड़े हैं। शौचालय का पिट एक साल से भरा हुआ है लेकिन, रोडवेज प्रशासन शौचालय के पिट को साफ करने की जहमत तक नहीं उठा रहा।
गायब हुआ एक्वागार्ड
एक साल पूर्व वर्कशाप में लगाया गया एक्वागार्ड चंद दिनों बाद ही गायब हो गया। एक्वागार्ड कहां गया इसका जवाब फोरमैन के पास भी नहीं है। कर्मचारी शुद्ध पानी के लिए तरस रहे हैं।
वाटर कूलर बना शोपीस
रोडवेज वर्कशाप में लगा वाटर कूलर शो-पीस बन कर रह गया है। वाटर कूलर पर बिजली का कनेक्शन तक नहीं है। पानी पीने के लिए कर्मचारियों को इधर उधर भटकना पड़ रहा है।
क्षतिग्रस्त हुई शेडः
रोडवेज वर्कशाप की शेड जर्जर हो गयी है। बरसात में गाड़ियों की मरम्मत करते समय पानी टपकता रहता है। इसके चलते कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। शेड की क्षतिग्रस्त चादर के टूटने से कई बार रोडवेज कर्मचारी चोटिल हो चुके हैं। अधिकारी कर्मचारियों की परेशानी समझने को तैयार नहीं हैं।
इनकी भी सुनिएः
वर्कशाप के स्टोर की ओर से एक एक्वागार्ड आवंटित किया गया था। एक्वागार्ड वर्कशाप से कहां गया ये देखना फोरमैन का काम है।
-वीरेंद्र सिंह, स्टोर इंचार्ज रोडवेज वर्कशाप
रोडवेज वर्कशाप में व्याप्त अव्यवस्थाएं सुधारने के उपाय किए जाएंगे। समस्याओं से उच्च अधिकारियों को सूचित कर प्रसाधन और पानी की व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त किया जाएगा।
-नेतराम, एजीएम हरिद्वार रोडवेज