आईटी की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए भारतीय सैन्य अकादमी जल्द ही कैडेट्स को टैब, नोटबुक जैसे अत्याधुनिक गैजेट्स से लैस करेगी।
उत्तराखंड कमांडेंट आईएमए लेफ्टिनेंट जनरल मानवेंद्र सिंह ने पत्रकार वार्ता में बताया कि आईएमए को ट्रेनिंग सुविधाओं से अपग्रेड करने के लिए सात सौ करोड़ के मास्टर प्लान पर कार्य शुरू हो गया है।
साउथ कैंपस को आधुनिक युद्ध कौशल की सुविधाओं के लिए विकसित किया जा रहा है। मौजूदा परिवेश में आईटी के सामरिक महत्व को समझते हुए हम कैडेट्स को टैब, नोटबुक या लैपटाप देने जा रहे हैं।
कैडेट्स सीधे तौर पर इंटरनेट से नहीं जुड़ेंगे बल्कि हम उन्हें अपने क्लाउड से जोड़ेंगे, जिसमें मौजूद वाईफाई के माध्यम से कैडेट्स सर्फ और डाउनलोड कर सकेंगे। कमांडेंट ने बताया कि भविष्य की योजनाओं में शामिल आंतरिक परीक्षा प्रणाली को आनलाइन करने की योजना हमारी प्राथमिकता में है।
युद्धकौशल में ट्रेनिंग देने के लिए फार्वड एरिया टूर कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसमें कैडेट्स को सैनिकों के साथ मौके पर होने वाली गतिविधियों और परिस्थितियों से अवगत करवाया जाता है।
नैतिक आचरण पर सख्ती
अकादमी में नैतिक आचरण पर सर्वाधिक ध्यान दिया जा रहा है। एनडीए और आईएमए में इसको लेकर सामंजस्य स्थापित किया जा रहा है। कमाडेंट ने बताया कि नैतिक आचरण में खामी पाए जाने के इक्का-दुक्का मामले सामने आते हैं, जिनपर कड़ी कार्रवाई होती है।
प्रभावित नहीं होगी ट्रेनिंग
कैडेट्स की बढ़ती संख्या से आईएमए में क्षेत्रफल कम पड़ रहा है। बावजूद कमांडेंट का मानना है कि इससे ट्रेनिंग प्रभावित नहीं होगी। अकादमी के साथ लगे चाय बगान की भूमि अकादमी ने अधिग्रहण करने का प्रस्ताव दिया है, हालांकि उसपर अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।