‘अब तक कितनी राहत सामग्री पहुंची मुझे इस बारे में पता नहीं हैं। आप इस बारे में फलां से पता कर लो।’ यह कहना है, उत्ततराख्ांड में आई दैवी आपदा में आपदा पीड़तों की हरसंभव मदद का दावा करने वाले अधिकारियों का।
हर कोई सही तस्वीर बताने के बजाय दूसरे अधिकारी से पूछने की सलाह दे रहे हैं। सोमवार दोपहर दो बजे सबसे पहले जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल को फोन किया तो उन्होंने दो टूक कहा कि राहत सामग्री के बारे में मुझे नहीं पता, आप सीडीओ साहब को फोन करो।
सीडीओ ललित मोहन रयाल ने जिला सेवायोजन अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी का नंबर दिया। जिला कार्यक्रम अधिकारी मुकुल चौधरी ने बताया कि उनके पास अब तक 45 यूटिलिटी और ट्रक पहुंचे। शेष ट्रकों की जानकारी पूर्ति विभाग के पास होगी।
जिला पूर्ति अधिकारी केएस बिष्ट ने भी पूर्ति निरीक्षक राजेश्वर जगूड़ी का फोन नंबर थमा दिया, लेकिन वे भी कोई जानकारी नहीं दे पाए।
डेढ़ सौ ट्रक से अधिक पहुंची सामग्री
अमर उजाला की पड़ताल में पता लगा कि जिले में अब तक राहत सामग्री से लदे डेढ़ सौ से अधिक ट्रक पहुंच चुके हैं। एनजीओ अपने स्तर से वितरण कर रहे हैं। अधिकांश राहत सामग्री महाविद्यालय, विकास भवन, उद्योग विभाग, कीर्ति इंटर कालेज, ज्ञानसू रसद गोदाम और कलक्ट्रेट में डंप की गई है।
प्रभावितों तक नहीं पहुंच रही राहत
राहत सामग्री का वितरण सड़क पहुंच वाले आपदा से अछूते गांवों में भी हो रहा है। स्वयं डिप्टी कलक्टर डा.एसके बरनवाल ने रविवार को संग्राली गांव में राहत सामग्री वितरित कराई। सोमवार को पाटा में राहत बांटी जा रही है। जबकि ये गांव आपदा प्रभावित नहीं है।
क्या कहतें हैं अधिकारी
'डीएम साहब की ओर से हमें दी गई सूची में संग्राली, पाटा गांव भी आपदा प्रभावित बताए गए हैं। इसलिए इन गांवों में भी सामग्री वितरित की जा रही है।'
डा.एसके.बरनवाल, डिप्टी कलक्टर उत्तरकाशी।