18 मार्च को सदन में हुए हंगामे के करीब एक माह बाद ही उत्तराखंड की राजनीति किस मोड़ पर पहुंच गई है।
कांग्रेस के दो विधायकों ने खुलकर कहा कि कांग्रेस के विधायकों को तोड़ने की कोशिश हो रही है और इसके लिए दस करोड़ रुपये से लेकर 50 करोड़ रुपये देने तक का ऑफर दिया जा रहा है।
इन विधायकों ने ऑफर देने वालों के नामों का खुलासा नहीं किया। उधर, इन दोनों विधायकों के साथ प्रेस से मुखातिब हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने सीधे-सीधे भाजपा पर कांग्रेस को पैसे के बल पर तोड़ने का आरोप लगाया।
कांग्रेस भवन में मीडिया से मुखातिब बदरीनाथ विधायक राजेंद्र भंडारी ने कहा कि कांग्रेस और पीडीएफ के कम से कम सात विधायक ऐसे हैं, जिनसे किसी न किसी रूप में संपर्क किया गया। भंडारी के मुताबिक खुद उनको मंगलवार शाम को ही 50 करोड़ रुपये तक का ऑफर दिया गया। भंडारी ने इस मामले में भाजपा नेता सतपाल महाराज का हाथ होने से इनकार किया।
भंडारी को महाराज समर्थक माना जाता है। विधायक ने कहा कि 18 मार्च के बाद से कांग्रेस के विधायकों को तोड़ने की कोशिश तेज हो गई है।