आपदा के बाद शनिवार से हेमकुंड यात्रा शुरू कर दी गई। मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने गोविंदघाट पहुंचकर पहला जत्था यात्रा के लिए रवाना किया। इस जत्थे पांच सौ भक्तों को हेमकुंड साहिब के लिए रवाना किया गया।
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इससे पहले शुक्रवार दोपहर से छाए घने बादल शाम को बरसने लगे। इलाके में ठंड भी बढ़ गई थी। मौसम के बिगड़े मिजाज से गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी और प्रशासन की पेशानी पर बल पड़ गए थे।
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इसके साथ ही यदि बारिश अधिक होती है तो गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब के पैदल ट्रैक पर दुश्वारियां बढ़ जाएंगी। रास्ते पर फिसलन बढ़ेगी और जलभराव की स्थिति पैदा हो जाएगी। गोविंदघाट में अभी भी कई जगहों पर मलबा पड़ा हुआ है। बारिश अधिक होने पर अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ने से गोविंदघाट में निर्मित अस्थायी पुल को भी खतरा हो सकता है।
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शुक्रवार तक 400 तीर्थयात्री जोशीमठ और गोविंदघाट पहुंच गए थे।
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