फ्लोर टेस्ट के बाद मंगलवार को पूर्व सीएम हरीश रावत सूबे के सरताज नजर आए। सुप्रीम कोर्ट की निगहबानी के चलते स्पष्ट नहीं कहने की मजबूरी के बावजूद कांग्रेस कैंप में दिवाली का आलम था, भाजपा के हावभाव खुद ही शिकस्त की कहानी कह रहे थे। बुधवार को अब इस हकीकत पर बस सुप्रीमकोर्ट की मुहर लगना बाकी है।
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सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हुए फ्लोर टेस्ट में कुल एक घंटे का समय लगा। सदन से निकले भाजपा-कांग्रेस के विधायक जिस तरह से कानाफूसी कर रहे थे, उससे ऐसे संकेत मिले हैं कि कांग्रेस के पक्ष में 33 और भाजपा के पक्ष में 28 मत पड़े। यही सच बुधवार को सामने आने की संभावना भी है।
इससे यह भी साफ हो जाएगा कि पीडीएफ (बसपा-निर्दलीय) को भाजपा का कोई भी दांव डिगा नहीं सका और वे पूरी मजबूती से कांग्रेस के साथ रहे। सोमेश्वर से कांग्रेस विधायक रेखा आर्य और घनसाली से भाजपा विधायक भीमलाल ने खुला खेल खेला। वे सदन में जाते वक्त ही अपनी पार्टी के व्हिप के खिलाफ खड़े नजर आए। इस पूरे खेल में हाईकोर्ट की मार से बेजार नौ बागी कांग्रेसी विधायक अंदर की तो कौन कहे, फ्लोर टेस्ट के बाहरी सीन से भी गायब नजर आए।
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आर्य कांग्रेस के साथ तो रेखा आर्य आईं भाजपा के साथ
रेखा आर्य
- फोटो : AmarUjala
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मंगलवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत बहुमत साबित करने के लिए फ्लोर टेस्ट से गुजरे। इसके लिए 11 बजे का समय नियत था। ठीक साढ़े नौ बजे विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल अकेले ही विधानसभा पहुंचे। अध्यक्ष ने विधानसभा के गेट के बाहर ही वाहन छोड़ा और पैदल अंदर गए।
इसके करीब आधे घंटे बाद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, नामित विधायक आरवी गार्डनर और यशपाल आर्य के साथ एक ही वाहन में विधानसभा पहुंचे। हरीश रावत और आर्य ने विधानसभा गेट पर ही मोरचा संभाला और हर आने वाले विधायक का स्वागत किया। इसके साथ ही कांग्रेस के विधायकों के आने का सिलसिला शुरू हुआ।
पीडीएफ के तीनों निर्दलीय विधायक और यूकेडी के विधायक प्रीतम पंवार एक साथ पहुंचे। इन्होंने आते ही विधानसभा के गेट पर हरीश रावत से मुलाकात की। बसपा के हरीदास और सरबत करीम अंसारी के आते ही हरीश रावत इन विधायकों के साथ विधानसभा में चले गए।
इससे पहले भाजपा के निलंबित विधायक भीमलाल आर्य भी पहुंचे तो हरीश रावत ने भीमलाल का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस बीच विधानसभा में भाजपा के पुष्कर धामी, बिशन सिंह चुफाल सहित अन्य विधायक भी पहुंचे। नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट के साथ कांग्रेस की सोमेश्वर विधायक रेखा आर्य आईं और आते ही रेखा आर्य ने वी साइन बनाकर अपने पत्ते खोल दिए।
साढ़े दस बजे सुप्रीम कोर्ट पेश होगी पूरी कार्यवाही
सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : getty
विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल के मुताबिक ठीक 11 बजे वंदे मातरम के साथ सदन की कार्यवाही शुरू हुई। अध्यक्ष ने ही सदस्यों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश से अवगत कराया। प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करने वाले विधायक बांयी ओर और विरोध करने वाले विधायक दांयी ओर बैठे।
सूत्रों के मुताबिक रेखा आर्य भाजपा और भीमलाल कांग्रेस के विधायकों के साथ बैठे। इसके बाद प्रमुख सचिव विधायी और सचिव विधानसभा को मत विभाजन का निर्देश दिया गया। विधानसभा अध्यक्ष के मुताबिक प्रमुख सचिव विधायी की ओर से मतदान की संपूर्ण कार्यवाही बुधवार को साढ़े दस बजे उच्चतम न्यायालय में प्रस्तुत की जाएगी।
उन्होंने बताया कि विशेष सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। खबर है कि कांग्रेस के अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने फ्लोर टेस्ट होने की पूरी जानकारी से सुप्रीम कोर्ट को अवगत भी करा दिया है।
करीब एक घंटे तक चली इस कार्यवाही के बाद ठीक 12 बजे पहले भाजपा के विधायक विधानसभा से बाहर निकले। भाजपा विधायकों ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का हवाला देते हुए कोई टिप्पणी करने से इनकार किया। इनके हावभाव से साफ था कि फ्लोर टेस्ट के नतीजे भाजपा के पक्ष में नहीं रहे। इसके बमुश्किल दस मिनट बाद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत कांग्रेस विधायकों के साथ विधानसभा से बाहर निकले।
रावत के चेहरे पर जाहिर हो रही खुशी नतीजा साफ बयान कर रही थी। रावत ने भी नतीजे पर कुछ कहने से इनकार किया। दूसरी ओर, कांग्रेस के सदस्यों के चेहरे पूरी तरह से खिले हुए थे। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के पक्ष में कुल 33 वोट पड़े। कांग्रेस के खेमे में नौ बागी विधायकों के हटने के बाद कुल 27 सदस्य ही रह गए थे। दो बसपा, तीन निर्दलीय और एक यूकेडी के विधायक को मिलाकर कांग्रेस का कुल कुनबा 34 का है।
भीमलाल आर्य को मिलाकर भाजपा के 28 सदस्य हैं। इस हिसाब से एक का नुकसान उठाकर कांग्रेस अपने पूरे कुनबे को बचाने में कामयाब रही। दूसरी ओर भाजपा ने एक सदस्य खोकर और एक सदस्य हासिल कर अपने कुनबे को 28 पर बनाए रखा। इस फ्लोर टेस्ट से यह भी साबित हुआ कि हरीश रावत अपने कुनबे को अंतिम क्षणों तक संभाल कर रखने में कामयाब रहे।