शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि विश्व के मानचित्र से पाकिस्तान जैसे देशों का नाम मिटाने का वक्त आ गया है। यह देश घोर आतंकवाद की जननी है। पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए अब केवल शब्दों से काम नहीं चलेगा। जब तक आतंकवाद को गंभीरता से नहीं लिया जाएगा, यह पाकिस्तान से निकलकर पूरी दुनिया को तबाह करता रहेगा।
कनखल स्थित जगद्गुरु आश्रम में अमर उजाला से बातचीत करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि अब बहुत हो चुका है। दशकों बीत गए पाकिस्तान ने अपनी हरकतें बंद नहीं की हैं। उसके कारनामों का दंड अब आवश्यक हो गया है। केवल सुबूत सौंपकर और ऐतराज दाखिल करने से काम चलने वाला नहीं। याद करें कि अमेरिका ने किस तरह भीतर घुसकर विश्व के आतंकी सरगना लादेन को मार गिराया था। जब दुनिया के किसी देश ने लादेन को शरण नहीं दी तब पाकिस्तान उसका शरणदाता बना। क्रिया की प्रतिक्रिया अवश्य होती है। आश्चर्य है कि भारत लंबे समय से पाकजनित आतंकवाद को झेल रहा है।
शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि इस घटना को हल्के में नहीं लिया जा सकता। पहले मुंबई, फिर देश की राजधानी दिल्ली की संसद, पठानकोट और अब उड़ी में पाकिस्तान ने जो कुछ किया वह एक तमाशा है। आश्चर्य का विषय है कि चीन को छोड़कर पूरी दुनिया ने इस घटना की निंदा की है। भारत की रुचि न जाने क्यों मात्र बयानों में बनी हुई है। बैठकों के दौर लगातार चल रहे हैं। आजादी के बाद पाकिस्तान ने अनेक जंग की। हर बार उसे मुंह तोड़ जवाब दिया गया। अब फौजों को सामने लाने के बजाय आतंकवादियों के दम पर भारत की शक्ति क्षीण करने का प्रयत्न कर रहा है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। समय आ गया है जब आतंक की जननी पाकिस्तान को मानचित्र से ही मिटा देना होगा।
--------------
संतों में भी आक्रोश
अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरी ने कहा कि अब बहुत हो चुका है, आतंकवादियों को कड़ा सबक सिखाया जाना चाहिए। भारत सरकार न जाने क्यों पाकिस्तान में चल रहे आतंक के अड्डों को समाप्त नहीं करती। बार बार आक्रमण हो रहे हैं और हम केवल बयानबाजी करने में लगे हैं। हाल की घटना से समूचा देश द्रवित हो उठा है, एक भी व्यक्ति ऐसा नहीं है जो घटना का विरोध न कर रहा हो। इसके बावजूद केंद्र सरकार चुप बैठी हुई है। जयराम पीठाधीश्वर ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने कहा कि पाकिस्तान ने अपने अधिकार क्षेत्र का बार बार अतिक्रमण किया। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी ने 1971 में इसे सबक सिखाया था। एक बार फिर से ऐसे कई सबक सिखाए जाने चाहिए। मानव कल्याण आश्रमों के संस्थापक स्वामी कल्याणानंद सरस्वती ने कहा कि इजराइल से प्रेरणा लेनी चाहिए। मुल्क पर हमला करने वाले किसी भी आतंकवादी को इजराइल उसके घर में घुसकर तबाह करता है।