सीएम हरीश रावत ने कहा कि कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने वाला ही असली नेता होता है। उन्होंने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया। मिशन 2017 पर नजर रखते हुए उन्होंने चुनावों की तैयारियों में जुटने को आह्वान किया। हरीश रावत मंगलवार को बहादराबाद स्थित एक विवाह मंडप में हरिद्वार ग्रामीण कांग्रेस की ओर से आयोजित कार्यकर्ताओं के बूथ सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने हर वर्ग के हितों के लिए योजनाएं चलाई है। कहा कि अब चुनाव जीतने के लिए विकास ही पैमाना नहीं है। अगर ऐसा होता तो कांग्रेस हमेशा सत्ता में रहती। देश में सबसे ज्यादा विकास कांग्रेस ने किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस दलितों, पिछड़ों और अन्य कमजोर वर्गों के हितों की हमेशा बात करती रही है। अल्पसंख्यकों के साथ आने से हमारा और भी उत्साह बढ़ता है। उन्होंने बूथ स्तर पर मजबूती की बात करते हुए कहा कि जो संगठन मजबूत नहीं होते वह कमजोर हो जाते है।
हरिद्वार के राजनीतिक हालात पर सांसद निशंक का नाम लिए बगैर टिप्पणी की कि हरिद्वार में ऐसे हालात बन रहे है कि कोई नेता यदि घर- घर नहीं जाएगा तो जनता उसे नेता नहीं मानेगी। जैसा ही पिछले दिनों एक जनप्रतिनिधि के पोस्टर लेकर लोग थाने तक पहुंच गए।
प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने केंद्र सरकार पर उत्तराखंड को अस्थिर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी के खिलाफ जल्द ही पोल खोल अभियान चलाया जाएगा। सम्मेलन को पिरान कलियर के विधायक फुरकान अहमद, भगवानपुर की विधायक ममता राकेश, सफाई आयोग के अध्यक्ष किरणपाल वाल्मीकि, अनुपमा रावत, जिपं उपाध्यक्ष राव आफाक, जिला संयोजक जयपाल जाटव, सह प्रभारी दीप बोहरा, एसपी सिंह इंजीनियर, किरण सिंह, मोनिका जैन, बरखा रानी, विजय पाल, गुरजीत सिंह लहरी, बलवंत सिंह चौहान, पूर्व विधायक रामयश सिंह, ओपी चौहान, बाबू वीरेंद्र सिंह, श्रमिक नेता राजबीर चौहान, नरेश सरकार, अनिल कथूरिया ने संबोधित किया। कार्यक्रम के संयोजक तेलूराम के संचालन में हुए सम्मेलन में योगेश चौहान, राजेश रस्तौगी, मनोज धनगर आदि ने अतिथियों का स्वागत किया।
कार्यकर्ताओं ने मांगा टिकट, सीएम ने दी नसीहत
हरिद्वार। कार्यकर्ता सम्मेलन में पूर्व प्रदेश महामंत्री एसपी सिंह इंजीनियर और सफाई आयोग अध्यक्ष किरणपाल वाल्मीकि के समर्थकों ने टिकट मांगा तो सीएम ने उन्हें नसीहत दे दी। सीएम ने कहा कि यह समय अपनी बात कहने का नहीं बल्कि कांग्रेस की बात सुनने का है। अगर कांग्रेस की बात सुनने वाले ही नहीं रहेंगे तो फिर बाकी बातें गौण हो जाएगी। उन्होंने बीच- बीच में बात करते- करते कार्यक्रम में व्यवधान डाल रहे कार्यकर्ताओं को फटकार भी लगाई।