हरिद्वार। राष्ट्रीय राजमार्ग-58 के फोरलेन निर्माण का काम 31 दिसंबर तक किसी भी हाल में पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। हरिद्वार-रुड़की मार्ग पर गांव बढेड़ी राजपूताना के ग्रामीणों ने काम रुकवाया हुआ है। ज्वालापुर से शंकराचार्य चौक और केशव आश्रम तक कुछ पक्के निर्माणों के साथ-साथ अतिक्रमण ने अड़चन डाली हुई है। कुछ पेड़ भी रोड़ा डाले हुए हैं। गांव नगला इमरती में काम रोक दिया गया है। ऐसे में अर्द्धकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को भी बदहाल राजमार्ग से गुजरना पड़ेगा।
बढेड़ी राजपूताना के लोगों ने ऐलान किया हुआ है जब तक नेशनल हाईवे अॅथारिटी उन्हें फोरलेन की जद में आ रही जमीन का उचित मुआवजा नहीं दे देती किसी भी हाल में काम शुरू नहीं होने दिया जाएगा। लेकिन इस मामले को सुलझाने में अभी तक कुछ प्रयास होते नजर नहीं आ रहे हैं। जिला प्रशासन, नेशनल हाईवे अॅथारिटी (एनएचआई) और एरा कंपनी का हाल यह तब है जब अर्द्धकुंभ मेला जनवरी से ही शुरू हो रहा है। इन तीनों में तालमेल होता तो जिस तेज गति से अक्तूबर से काम हो रहा था उसकी रफ्तार अब तक बनी रहती।
ज्वालापुर से शंकराचार्य चौक और केशव आश्रम तक कुछ पक्के निर्माणों के साथ-साथ अतिक्रमण ने भी फोरलेन की राह रोक रखी है। कुछ पेड़ भी रोड़ा बने हुए हैं। खासकर केशव आश्रम से चंडीचौक तक के पेड़ नहीं काटे जाने से काम पूरी तरह से ठप है। इन पेड़ों को काटने की हरी झंडी वन विभाग से मिल चुकी है। लेकिन वन निगम ने अभी तक नहीं काटे। गांव बढेड़ी राजपूताना और नगला इमरती में भी काम रुका हुआ है। नगला इमरती के लोगों को मुआवजा तो मिल गया है, लेकिन उनका कहना है उचित मुआवजा नहीं मिला है।
इनका कहना है
अर्द्धकुंभ के मद्देनजर प्रशासन ने गुरुकुल नारसन से शहरी क्षेत्र हरिद्वार में सप्तऋषि तक 31 दिसंबर तक फोरलेन बना कर टारगेट दिया हुआ था। टारगेट के अनुसार काम शुरू कर दिया था। लेकिन पहले नारसन मुआवजे को लेकर आंदोलन ने काम रुका था। अब बढेड़ी राजपूताना व नगला इमरती के ग्रामीण अड़े हुए हैं। ज्वालापुर से शंकराचार्य चौक तक अधिग्रहित पक्का निर्माण न हटाने और ज्वालापुर में बाईपास सब्जी मंडी क्षेत्र में अतिक्रमण नहीं हटाने से काम अटका हुआ है। भूपतवाला में एक आश्रम का मंदिर सर्विस रोड पर है उसे भी हटाने नहीं दिया जा रहा है।
राकेश सैनी, एजीएम, एरा।
इनका कहना है
दिवाली के दिन हमने दूधाधारी चौक से सप्तऋषि तक के क्षेत्र का निरीक्षण किया था। पानी व सीवर लाइनों के क्षतिग्रस्त होने और गंदा पानी मुख्य लाइन में मिलने से लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है। लाइनों को शिफ्ट करने का काम प्राथमिकता से कराया जा रहा है। त्योहारों के चलते गति धीमी हुई है। जल निगम व जल संस्थान की लाइनों की डेथ बहुत ऊपर होने के कारण ज्यादा दिक्कत आ रही है। सोमवार से काम में तेजी लाई जाएगी।
नरेंद्र कुमार सिंह, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचआई।
इनका कहना है
हाईवे अॅथारिटी जब चाहेगा प्रशासन सहयोग करेगा। हाईवे का काम प्राथमिकता वाला है, लेकिन करना एनएचआई को ही है। जहां तक मुआवजा का मामला है वह न्यायिक प्रक्रिया से तय होना है। मुआवजा सड़क पर तय नहीं हो सकता।
हरबंस सिंह चुघ, जिलाधिकारी।