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जहां प्रधानाध्यापक वहां भी कर दी नियुक्ति

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एक साल की कसरत के बाद आखिरकार शिक्षकों प्रमोशन की सूची तो जारी हो गई। प्रमोशन सूची में भी झोल है। उन विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों को तैनाती करने के आदेश हुए हैं, जहां पहले से ही प्रधानाध्यापक हैं। सूची में हुई त्रुटि से अध्यापकों की फजीहत होनी तय है।
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शिक्षा विभाग ने एक साल पहले सहायक अध्यापकों का प्रमोशन की प्रक्रिया शुुरू की थी। लेकिन कभी कोरोना संक्रमण तो कभी चुनाव आचार संहिता के चलते प्रमोशन सूची जारी नहीं हो पा रही थी। पिछले दिनों शिक्षा विभाग की ओर से लंबी प्रक्रिया के बाद 161 सहायक अध्यापकों के प्रमोशन की सूची जारी की थी। जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) एसपी सेमवाल ने 23 अप्रैल को जिलेभर के 96 सहायक अध्यापकों को प्रमोशन के बाद प्रधानाध्यापकों केेेे पदों तैनात करने का आदेश जारी कर दिया था। 65 सहायक अध्यापकों का जूनियर हाईस्कूलों में प्रमोशन किया गया। लेकिन सहायक अध्यापकों में से प्रधानाध्यापक बनाए गए कुछ अध्यापकों की तैनाती वहां भी कर दी गई है, जहां पहले से ही प्रधानाध्यापक हैं। इससे शिक्षा विभाग की ओर से एक साल तक की गई बैठकों और सूची तैयार करने में की गई मेहनत पर सवाल खड़ा हो रहा है। संवाद
केस नंबर-1
राजकीय प्राथमिक विद्यालय मुकरपुर ब्लॉक बहादराबाद में रुड़की ब्लॉक क्षेत्र के हीराहेड़ी की जीनत परवीन का प्रमोशन कर प्रधानाध्यापक के पद पर भेजा गया है। जबकि यहां पहले से ही प्रधानाध्यापक हैं।
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केस नंबर-2
सीतापुर राजकीय प्राथमिक विद्यालय की सहायक अध्यापक राजेश्वरी को प्रमोशन कर राजकीय प्राथमिक विद्यालय गढ़ी में तैनाती के आदेेश जारी किए गए हैं। जबकि यहां पहले से ही प्रधानाध्यापक कार्यभार संभाले हुए हैं।
केस नंबर-3
चंडी घाट के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक कामिनी शर्मा को प्रमोशन कर राजकीय प्राथमिक विद्यालय पीतपुर में प्रधानाध्यापक बनाकर भेजा गया है। मगर यहां पहले से ही प्रधानाध्यापक तैनात हैं।
प्रमोशन सूची में जो गड़बड़ी हुई है। वह उप शिक्षा अधिकारियों की ओर से रिक्तियों में गड़बड़ी के कारण हुई है। इसका संशोधन कराने के लिए शिक्षा अधिकारियों से वार्ता की जाएगी।
- जितेंद्र सिंह, अध्यक्ष, राजकीय प्राथमिक शिक्षक एसोसिएशन
उप शिक्षा अधिकारियों के कारण सूची में कुछ पदों पर तैनाती को लेकर त्रुटि हुई। जबकि उन्हें पहले भी कहा गया था कि उनके यहां से आने वाले खाली पड़े पदों की संख्या में फर्क आ रहा है। उन्हें एक बार नहीं तीन-तीन बार इसको लेकर सचेत किया गया। फिर भी बिना जांच पड़ताल के खाली पदों की संख्या भेज दी गई। जिससे संबंधित उप शिक्षा अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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-एसपी सेमवाल, जिला शिक्षा अधिकारी, प्रारंभिक शिक्षा, हरिद्वार
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