पथरी क्षेत्र स्थित खेत में गिरी फसल।
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सुबह शुरू हुई बारिश ने लोगों को फिर से ठंड का अहसास करा दिया। एक बार फिर से लोगों ने अपने गर्म कपड़े बाहर निकाल लिये हैं। दूसरी तरफ किसानों की चिंता भी बढ़ गई है।
चार दिन पहले मौसम में एकदम से बदलाव आ गया था। चटख धूप निकलने से गर्मी का अहसास होने लगा था और लोगों ने गरम कपड़े पहनने कम कर दिए थे। दिन के समय तो स्वेटर पहनना भी मुश्किल हो रहा था। बृहस्पतिवार से मौसम ने अचानक करवट बदली और तेज बौछारों के साथ बारिश हुई। शुक्रवार को सुबह करीब पांच से ग्यारह बजे तक हल्की बारिश हुई। इससे मौसम एकदम बदल गया था। शनिवार को भी शहर और देहात में हवा चलने के साथ बारिश हुई। लगातार तीन दिन हुई बारिश के बाद ठंड लौट आई और लोगों ने फिर गर्म कपड़े निकाल लिये हैं। ऋतु आलोकशाला बहादराबाद के शोध पर्यवेक्षक नरेंद्र रावत ने बताया कि 4.0 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई।
उधर, जनपद में करीब 45 हजार हेक्टेयर में बोई गई गेहूं की फसल को लेकर किसान के माथे पर चिंता की लकीरें खिंची हुई हैं। किसानों के गेहूं की फसल के गिरने की डर सता रहा है। यदि गेहूं की फसल गिर गई तो उसमें बालियां आने प्रभावित हो जाएंगी। खेेतों में कटी और खड़ी सरसों की फसल को बारिश से नुकसान पहुंच सकता है। मुख्य कृषि अधिकारी विजय कुमार देवराड़ी ने बताया कि गेहूं की फसल को अभी तक नुकसान होने की सूचना नहीं है। लेकिन बारिश से सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि किसान इस समय फसलों की सिंचाई करने से बचें।