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आश्रम और धर्मशालाओं का पानी भी होगा बंद

Sat, 18 Mar 2017 10:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
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नोटिस के बाद भी अवैध सीवर संयोजन नियमित नहीं कराना आश्रम व धर्मशाला प्रबंधकों को भारी पड़ सकता है। सीवर संयोजन बंद करने के साथ ही उनका पानी का कनेक्शन भी काट दिया जाएगा।
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आश्रमों और धर्मशालाओं के साथ होटल सहित उन सभी प्रतिष्ठानों का पानी का जल कनेक्शन काटने के लिए अनुरक्षण शाखा की ओर जल संस्थान को पत्र भेजा गया है। शुक्रवार को हाईकोर्ट के आदेश के बाद विभाग अवैध सीवर संयोजन वाले आश्रमों, धर्मशालाओं, होटलों और सैप्टिक टैंक वाले संस्थानों के को लेकर और सख्त हो गया है। जल संस्थान की अनुरक्षण शाखा की ओर से सर्वे में चिह्नित 99 में से 90 आश्रम, धर्मशाला, होटलों को अवैध सीवर संयोजन नियमित कराने का नोटिस दिया गया है। जिनमें से लगभग 30 ने अपना अवैध सीवर संयोजन शुल्क जमा कर नियमित करा लिया है। लगभग 60 संस्थाओं ने नोटिस के बाद भी अवैध सीवर संयोजन को नियमित नहीं कराया है। ऐसे सभी आश्रमों, धर्मशालाओं व होटलों का अब पानी भी बंद करने की कार्यवाही की जाएगी।     
    
सैप्टिक टैंक वालों को लगाने होंगे एसटीपी       
संयुक्त सर्वे में 79 आश्रम, धर्मशाला, होटल आदि प्रतिष्ठानों में सीवर के सैप्टिक टैंक पाए गए थे। इनको एनजीटी के आदेशों के अनुसार सीवर शोधन संयंत्र (एसटीपी) स्थापित करने होंगे। जहां पर सीवर लाइन की सुविधा है, उन्हें सीवर कनेक्शन कराना होगा। एसटीपी नहीं लगने तक सैप्टिक टैंक वाले संस्थानों को सीवर का डिस्पोजल अनुरक्षण शाखा के टैंकर से कराना होगा, जिसका उन्हें निर्धारित शुल्क अदा कराना होगा। प्राइवेट एजेंसी सीवर का डिस्पोजल कराना अवैध माना जाएगा और ऐसे संस्थानों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। जांच के दौरा आश्रम, धर्मशाला व होटल के प्रबंधकों ने बताया था कि वे अपनी सीवरेज का सैप्टिक टैंक प्राइवेट टैंकर वालों से खाली कराते हैं। अनुरक्षण शाखा के पास इसका एक भी रिकार्ड नहीं कि जब किसी प्राइवेट टैंकर वाले से सीवर का डिस्पोजल उनके एसटीपी में लाकर किया हो। यह बात पकड़ में आई कि प्राइवेट टैंकर वाले नाले, नदी व सीवर लाइन में टैंक खाली कर देते हैं जो कानून अपराध है। अब कोई भी संस्थान प्राइवेट टैंकर का उपयोग नहीं कर पाएगा।      
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हाईकोर्ट गंगा प्रदूषण को लेकर काफी सख्त है। जिलाधिकारी को गंगा को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को हाईकोर्ट ने आश्रमों व धर्मशालाओं के अवैध सीवर संयोजन बंद करने की सराहना भी की है। अब जो आश्रम, धर्मशाला, होटल आदि प्रतिष्ठान नोटिस के बाद भी अवैध संयोजन नियमित नहीं कराते हैं तो उनका पानी भी बंद कर दिया जाएगा। अभी हाईकोर्ट का विस्तृत आदेश आने में समय लगेगा, लेकिन कोर्ट ने सुनवाई के दौरान जो दिशा-निर्देश दिया है उसको क्रियान्वित करने का काम तत्काल शुरू किया जा रहा है।      
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- अजय कुमार, अधिशासी अभियंता, अनुरक्षण शाखा, जल संस्थान हरिद्वार।
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