अपनी मांगों को लेकर सात दिन से हड़ताल पर चल रही एएनएम ने सभी सरकारी अस्पतालों और एएनएम केंद्रों पर ताले जड़कर वैक्सीनों को अपने कब्जे में ले लिया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के प्रयास के बाद भी हड़ताली एएनएम ताला खोलने को तैयार नहीं हुई। यदि इसी तरह से उनका कब्जा रहा तो बुधवार को एक बार फिर टीकाकरण का काम प्रभावित हो सकता है। दूसरी तरफ अधिकारियों का कहना है कि यदि एएनएम अपनी जिद पर अड़ी रहीं तो प्रशासन की मदद ली जाएगी।
उत्तराखंड मातृ-शिशु एवं परिवार कल्याण महिला कर्मचारी एसोसिएशन के बैनर तले प्रदेशभर की एएनएम हड़ताल पर हैं। एक सप्ताह से सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण नहीं हो रहे। सोमवार को सातवें दिन एएनएम का कार्यबहिष्कार आंदोलन जारी रहा। सोमवार को आंदोलन तेज करते हुए एएनएम ने सभी जगह वैक्सीन कक्षों पर ताले लगा दिए।
महिला अस्पताल के अधिकारियों के प्रयास के बावजूद भी एएनएम ने वैक्सीन ताला खोलने को तैयार नहीं हुई। एसोसिएशन की जिलाध्यक्ष पुष्पा सैनी ने चेतावनी दी कि उनकी मांगों को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। जिला महामंत्री निमिषा शर्मा ने कहा इस बार वे मांगें नहीं माने जाने तक धरना- आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर सिया सैनी, प्रिया चौधरी, पूजा चौधरी, पूजा गुप्ता, पूजा तिवारी, मधुबाला, शैली चौधरी, शशी, रेखा, जमना देवी, वसुधा असवाल, सुनिता अग्रवाल आदि शामिल हुईं। एसीएमओ डा. एचडी शाक्य ने कहा कि फिलहाल शासन से कोई दिशा निर्देश जारी नहीं हुआ है। जरूरत पड़ने पर प्र्रशासन का सहयोग लेकर वैक्सीन ले जाएगी। अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों पर वैक्सीन रखवा दी जाएगी। वहां पर इमरजेंसी में टीकाकरण कराया जाएगा।