किसी भी चुनाव में पड़ने वाले मत का कोई मोल नहीं होता। लेकिन विधानसभा चुनाव के दौरान प्रत्याशियों की ओर से प्रचार के दौरान किए खर्चे और उनको मिलने वाले मतों की तुलना की जाए तो कुछ को एक वोट बहुत सस्ता तो कुछ को बहुत महंगा पड़ा।
हर प्रत्याशी ने अपने चुनावी खर्च का लेखाजोखा, लेखा व्यय प्रेक्षकों के पास जमा कराया है। खर्च के मुकाबले मिले वोट देखकर कई प्रत्याशी तो हैरान ही हैं। किसी प्रत्याशी को चुनावी खर्च की तुलना में एक वोट तीन रुपये तो किसी प्रत्याशी को 1721 रुपये का पड़ा है।
12 फरवरी को सभी प्रत्याशियों ने अपना चुनावी खर्च जमा करा दिया था। मतगणना के बाद किसी प्रत्याशी को अप्रत्याशित वोट मिले तो कोई गिनती के वोटों पर ही सिमटकर रह गया। प्रत्याशियों की ओर से चुनाव कार्यालय से लेकर ढोल, टैंट, कार्यकर्ताओं के लिए नाश्ते व खाने का इंतजाम करने के लिए लगाए गए हलवाइयों को भी भुगतान कर दिया गया है।
राजनीतिक दलों के स्टार प्रचारकों की रैलियां व रोड शो भी शामिल हैं। जिले में सबसे महंगा वोट झबरेड़ा विधानसभा सीट से आप के राजू सिंह को 1721 रुपये का एक वोट पड़ा। वहीं, ज्वालापुर विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी की ममता सिंह ने 763663 लाख रुपये खर्च किए। उन्हें 822 रुपये का एक वोट पड़ा। ममता को कुल 929 वोट मिले। वहीं सबसे कम वोट तीन रुपये 38 पैसे में मंगलौर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे बसपा के सरवत करीम अंसारी को पड़ा। उन्होंने चुनाव में 110215 रुपये खर्च किए। उन्हें 32567 वोट मिले।