उत्तरांचल अक्षय ऊर्जा विकास अधिकरण (उरेडा) की रकम न लौटाने का मामला सामने आया है। सिडकुल पुलिस ने एक निजी कंपनी के दो निदेशक एवं उरेडा के स्थानीय अधिकारी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। घटनास्थल देहरादून क्षेत्र का होने के कारण मुकदमे को देहरादून ट्रांसफर करने की तैयारी कर ली गई है।
उरेडा के उप मुख्य परियोजना अधिकारी नीरज कुमार ने सिडकुल थाने में मुकदमा दर्ज कराया कि वर्ष 2016 में उरेडा ने ऊर्जा दक्षता संबंधित कार्य के लिए मैसर्स एफिन प्राईवेट लिमिटेड सेक्टर 18 सिडकुल में बिना ब्याज के पच्चीस लाख का ऋण दिया था। कंपनी के निदेशक हरिमोहन लोहिया, रेखा लोहिया ने ऋण की एवज में चेक दिए थे और तय समय पर ऋण लौटा देने का अनुबंध स्थानीय अधिकारी विपुल कुमार से किया था। साफ था कि ऋण न लौटाने पर स्थानीय अधिकारी विपुल कुमार भी दोषी माने जाएंगे। आरोप है कि उरेडा का ऋण नहीं लौटाया गया बल्कि दिए गए सभी चेक एक एक कर बाउंस हो गए। कंपनी के निदेशकों ने उरेडा से वक्त लेकर जल्द रकम लौटा देने की बात कही थी, लेकिन वह उस पर भी खरे नहीं उतरे। एसओ सिडकुल प्रशांत बहुुगुणा ने बताया कि कंपनी के निदेशकों एवं उरेडा के अधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। चूंकि घटनास्थल देहरादून क्षेत्र का है लिहाजा मुकदमे को देहरादून ट्रांसफर किया जा रहा है।