कनखल के मोहल्ला लाटोवाली स्थित बेलीराम उदासीन आश्रम के श्रीमहंत सोमदास के ब्रह्मलीन हो जाने के बाद विवाद हो गया। सोमवार की सुबह भारी संख्या में पहुंचे संतों ने उनकी हत्या करने का संदेह जताते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आक्रोशित संतों को शांत करते हुए संत की पार्थिव देह को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। एसओ का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत की असली कारणों का पता लग सकेगा।
रविवार की शाम बेलीराम उदासीन आश्रम के महंत सोमदास (70) शिष्य ओमकार मुनि ने आनंदमई की पुलिया के समीप बने बेलीराम उदासीन आश्रम में प्राण त्याग दिए थे। ब्रह्मलीन संत को आखिरी विदाई देने की तैयारी चल रही थी कि सोमवार सुबह बेलीराम उदासीन आश्रम ट्रस्ट के अध्यक्ष श्याम दास संत समाज के साथ आश्रम पहुंच गए। ट्रस्ट के अध्यक्ष श्याम दास की अगुवाई में पहुंचे संतों ने हंगामा खड़ा कर दिया कि और आशंका जताई संपत्ति के लिए हत्या की गई।
हंगामा होने पर एसओ कनखल हरिओमराज चौहान मौके पहुंचे। एसओ की मौजूदगी में उनके ब्रह्मलीन गुरुभाई ने एक संत को अपना शिष्य बना लिया था। हंगामा करने वाले संतों ने आरोप लगाया कि गुरुभाई की मृत्यु की सूचना उन्हें क्यों नहीं दी गई। एसओ ने आक्रोशित संतों को समझाबुझाकर शांत किया। संत की पार्थिव देह को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि संत दिल की बीमारी से पीड़ित भी थे। एसओ ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोट में मौत का कारण सामने आ जाएगा।