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हफ्ते में दो दिन अल्ट्रासाउंड, बाकी दिन लटकता है ताला

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ज्वालापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बंद पड़ा अल्ट्रासाउंड कक्ष । - फोटो : HARIDWAR
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ज्वालापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की चिकित्सा सेवाएं बदहाल हैं। अस्पताल में आर्थोपेडिक, गायनो, जनरल फिजिशियन और बाल रोग विशेषज्ञ तक नहीं है। 30 बेड के अस्पताल में सिर्फ प्रसूताओं को भर्ती किया जाता है। बाकी मरीजों को जिला अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ती है। अल्ट्रासाउंड भी हफ्ते में सिर्फ दो दिन होते हैं। बाकी दिनों में अल्ट्रासाउंड कक्ष में ताला लटका रहता है।
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ज्वालापुर क्षेत्र की दो लाख से अधिक आबादी है। क्षेत्र में एकमात्र सरकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है। अस्पताल में इलाज के नाम पर कुछ जांचें और दवाएं मिलती हैं। आर्थोपेडिक, गायनोलॉजिस्ट, जनरल फिजिशियन और बाल रोग विशेषज्ञ तक नहीं हैं। पांच स्टाफ नर्स के पद भी खाली हैं। अस्पताल पहुंचने वाले अधिकतर मरीज निराश होकर लौटते हैं। 30 बेड के अस्पताल में केवल गर्भवती महिलाओं को भर्ती किया जाता है। किसी मरीज के हाथ-पैर टूटने या दुर्घटना में जख्मी होने पर सीधे जिला अस्पताल रेफर किया जाता है। इमरजेंसी भी बदहाल है। सिर्फ मरहम पट्टी तक सीमित है।
बुधवार को अमर उजाला ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की पड़ताल की। ओपीडी में एक डाक्टर मरीज देख रहे थे। दूसरी ओपीडी में लेडिज मेडिकल आफिसर गर्भवती महिलाओं को देख रही थीं। दंत रोग चिकित्सक और कुष्ठ रोग चिकित्सक के कक्ष पर ताले लटके थे। अल्ट्रासाउंड कक्ष में ताला लटका था। कक्ष के बाहर सूचना चस्पा थी कि हफ्ते में सिर्फ मंगलवार, बृहस्पतिवार को अल्ट्रासाउंड किए जाते हैं।
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कर्मचारी का व्यवहार ठीक नहीं
ओपीडी में पर्चा बनाने के लिए मरीजों और तीमारदारों को जूझना पड़ता है। काउंटर पर कर्मचारी सीधे मुंह बात नहीं करते हैं। इससे लोगों में गुस्सा रहता है।
ओपीडी में दिखाने के बाद दवाई भी लेे ली। अल्ट्रासाउंड करवाना था। उसके लिए मंगलवार या बृहस्पतिवार को आने के लिए कहा है। अब फिर से आना पड़ेगा। प्रतिदिन अल्ट्रासाउंड होने चाहिए।
- अनारी
जनरल फिजिशियन और आर्थोपेडिक नहीं होने से मरीजों को परेशानी होती है। बढ़ती आबादी को देखते ही स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाया जाना चाहिए।
- नौशाद
सीएचसी में चिकित्सकों और स्टाफ नर्सों की कमी है। अन्य सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं। दवाई की कोई कमी नहीं है। प्रतिदिन 150 तक ओपीडी होती है। अल्ट्रासाउंड हफ्ते में दो दिन ही होता है।
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- डॉ. धीरेंद्र सिंह, अधीक्षक सीएचसी ज्वालापुर
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