हरिद्वार। गरीबी रेखा से नीचे जीने वाले पात्रों को निशुल्क रसोई गैस कनेक्शन बांटकर वाहवाही लूट रही मोदी सरकार की महत्वपूर्ण उज्जवला योजना ने देश भर के गैस वितरकों की चिंता बढ़ा दी है। योजना से आर्थिक हितों और जोखिमों पर चर्चा करते हुए इसके सभी पहलुओं के बारे में बताने का निर्णय गैस वितरकों की बैठक में लिया गया।
सोमवार शाम मध्य हरिद्वार स्थित एक होटल में आयोजित हरिद्वार देहरादून और कोटद्वार क्षेत्र के एलपीजी वितरकों की बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में ऑल इंडिया एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन के महासचिव पवन सोनी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि उज्जवला योजना के तहत सबसे बड़ा जोखिम सुरक्षा को लेकर है। जोकि रसोई गैस प्रयोग करने का सबसे पहला नियम यह है कि चूल्हा सिलेंडर के ऊपरी हिस्से में रखा जाना चाहिए। जबकि पात्र हमेशा चूल्हो सिलेंडर से नीचे रखकर इस्तेमाल कर रहे हैं।
सुझाव दिया गया कि सरकार इस योजना के तहत पात्रों को पांच किलो का सिलेंडर उपलब्ध कराए, जिसमें चूल्हा फिक्स हो। इस सबंध में एक ज्ञापन केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को भेजने का निर्णय लिया गया। बैठक में फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष चमन लाल, मंत्री दीपक बड़थ्वाल, विनेश मित्तल, सुरेश राठौर, गायत्री प्रसाद, राजीव अग्रवाल, त्रिलोकी नाथ शर्मा, नवनीत राणा, सुरेश मुखिया, अनीता आर्य आदि डीलर मौजूद रहे।