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मोतीचूर रेंज में दो बाघिन, बाघ एक भी नहीं

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मोतीचूर रेंज में विचरण करती बाघिन। - फोटो : HARIDWAR
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राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क की मोतीचूर रेंज में लगभग 70 लाख रुपये की लागत से टाइगर बाड़ा बनकर तैयार हो गया है। इसका उद्देश्य पार्क में बाघों की संख्या को बढ़ाना है। पार्क की मोतीचूर रेंज में लंबे समय से दो बाघिन तो हैं पर बाघ एक भी नहीं है। इस रेंज में अब पार्क प्रशासन ने दो बाघ और तीन बाघिन को शिफ्ट करने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है।
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मोतीचूर रेंज के मुख्य टाइगर मूवमेंट क्षेत्र में एक हेक्टेयर भूमि में यह बाड़ा बनाकर तैयार किया गया है। राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क प्रशासन ने मोतीचूर रेंज में टाइगर बाड़े में दो बाघ और तीन बाघिन शिफ्ट करने के प्रस्ताव पर मोहर लगाने के बाद एक कमेटी का गठन भी किया है। कमेटी अक्तूबर में बाघों को शिफ्ट करने का कार्य शुरू कर देगी। इस रेंज में एक-एक कर दो बाघ और तीन बाघिन को लाया जाएगा। सबसे पहले बाहर से लाए गए बाघ अथवा बाघिन को टाइगर बाड़े में रखा जाएगा। इस टाइगर बाड़े में बाहर से लाए गए बाघ अथवा बाघिन को तब तक रखा जाएगा तब तक वह इस रेंज में पहले से ही रह रही दो बाघिन के संपर्क में न आ जाएं। मोतीचूर रेंज में पहले से ही रह रहीं दो बाघिनों को टी-1 और टी-2 नाम दिया गया है।
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मोतीचूर रेंज में टाइगर बाड़ा बनाकर तैयार है। इस टाइगर बाड़े में दो बाघ और तीन बाघिन अक्तूबर में लाए जाने हैं। इस वक्त इस रेंज में केवल दो बाघिन हैं।
-कोमल सिंह, वन्य जीव प्रतिपालक, राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क
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पार्क में लगाए फलदार पेड़
राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क के नवनियुक्त निदेशक धर्मेश कुमार सिंह और वन्य जीव प्रतिपालक कोमल सिंह ने पार्क की रामगढ़ रेंज में जंगली जानवरों के लिए फलदार पेड़ लगाए। इसके साथ ही पार्क को हरा भरा बनाने के लिए छायादार और फूलदार पेड़ भी लगाए गए हैं।
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