हरिद्वार। एक व्यापारी के बंद कराए जा चुके बैंक खाते से करोड़ों रुपये के लेनदेन का मामला सामने आया है। व्यापारी ने बंधन बैंक के एक कर्मचारी और शाखा प्रबंधक पर सांठगांठ कर फर्जी दस्तावेजों से धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। ज्वालापुर पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, मुज्जमील अली पुत्र जमील अहमद निवासी बहादराबाद ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी अमान ट्रेडर्स नाम से फर्म है। फर्म के नाम से उन्होंने करीब दो वर्ष पूर्व बंधन बैंक सैनी धर्मशाला के सामने स्थित शाखा में करंट अकाउंट खुलवाया था। मई 2025 में वह बैंक शाखा में खाता बंद कराने पहुंचे थे। वहां मौजूद बैंक कर्मचारी आशु कुमार से खाता बंद करने की बात कही। कर्मचारी ने उनसे प्रार्थना पत्र मांगा, जिसे उन्होंने सौंप दिया। इसके बाद कर्मचारी ने उन्हें खाता बंद हो जाने का आश्वासन देकर वापस भेज दिया। इसके बाद उन्होंने खाते में किसी भी प्रकार का कोई लेनदेन नहीं किया।
आरोप है कि 11 अगस्त 2025 को बंधन बैंक का उनके पते पर एक कोरियर पहुंचा। कोरियर खोलने पर उसमें उनके उक्त खाते से संबंधित बैंक विवरण मौजूद था, जिसमें खाते से करोड़ों रुपये के लेनदेन का खुलासा हुआ। आरोप है कि जब वह बैंक पहुंचे और शाखा प्रबंधक से बात की तो उन्हें बताया कि उनके खाते में दर्ज मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी बदल दी गई है, जबकि खाते में पहले उनका मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी दर्ज थी। आरोप है कि फर्जी हस्ताक्षर कर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर किसी अन्य का मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी खाते में दर्ज की गई। आरोप है कि बैंक कर्मचारी आशु कुमार और शाखा प्रबंधक ने मिलीभगत कर धोखाधड़ी से उनके खाते से करोड़ों रुपये का लेनदेन कराया है। कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने बताया कि इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जांच की जा रही है।