बहादराबाद। उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय महिला प्रकोष्ठ की ओर से आत्मरक्षा प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया। महिला प्रकोष्ठ की नोडल अधिकारी डॉ. श्वेता अवस्थी और महिला प्रकोष्ठ की सचिव मीनाक्षी सिंह रावत ने छात्र-छात्राओं को अनुशासन का पालन करने और प्रशिक्षण को गंभीरता से अपनाने के लिए जोर दिया। प्रशिक्षण छह फरवरी तक चलेगा
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में शास्त्री, आचार्य, योगाचार्य और शिक्षा शास्त्री पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी सक्रिय रूप से प्रतिभाग कर आत्मसुरक्षा के व्यावहारिक उपायों के बारे में जानकारी दी जाएगी। कुलपति प्रो. रमाकांत पांडेय ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में आत्मरक्षा को केवल क्रीड़ा के रूप में नहीं, बल्कि विद्या के रूप में अध्ययन कराया जाता रहा है। इस मौके पर क्रीड़ा अधिकारी चंद्रशेखर शर्मा, प्रकोष्ठ के सदस्य प्रो. विंदुमती द्विवेदी, डॉ. सुमन प्रसाद भट्ट, अनीता कुकरेती, प्रो. दिनेश चंद्र चमोला, प्रो.अरविंद नारायण मिश्र, डॉ. प्रकाश चंद्र पंत, निजी सचिव मनोज गहतोड़ी, सुमन, अभिषेक ममगाईं आदि मौजूद रहे।