जबकि बुधवार की रात्रि में अष्टमी नहीं होगी। इसीलिए समस्त गृहस्थ आश्रम वालों को अपने परिवार में सुख, धन, पुत्र प्राप्ति के लिए मंगलवार को ही व्रत रखकर करना चाहिए। वहीं दूसरे दिन यानी बुधवार को भगवान के जन्म का उत्सव है, उनके कृष्ण स्त्रोत्र का पाठ करना चाहिए।
इस प्रकार करें पूजन
जो लोग किसी कला में निपुणता प्राप्त करना चाहे वो कृष्ण भगवान के बांसुरी बजाते हुए चित्र का ध्यान करें। वहीं जो पुत्र चाहते हैं वो बालकृष्ण का ध्यान पूजन करें, जो धन चाहते हैं वो रुकमणि सहित पूजा करें। वहीं जो प्रेम भक्ति समस्त सुख चाहते हैं वो राधा सहित ध्यान करे। विवाह चाहने वाले सत्यभामा सहित श्रीकृष्ण का पूजन करें।
यदि कोई रोग हो गया हो तो कृष्ण के चक्रधारी रूप का पूजन करें। वहीं अवसाद हो तो कृष्ण के सारथी वाले रूप का पूजा अर्चना करें। सभी भय, मृत्यु के भय, सदगति के लिए विश्व रूप का पूजन करें।