हरिद्वार। तीन सगी बहनें जम्मू से ट्रेन में बैठकर हरिद्वार पहुंच गई। यहां पहुंचने पर उन्होंने सुबह मनसा देवी के दर्शन किए और फिर गंगा स्नान करने पहुंच गई। जहां पर यादगार के लिए फोटो खिंचवाने के दौरान कैमरामैन को शक हुआ कि इनके साथ कोई परिजन क्यों नहीं है। कैमरामैन ने सूझबूझ का परिचय देते हुए तीनों को पुलिस के सुपुर्द कर दी। पुलिस उन्हें चाइल्ड चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को सौंपने की तैयारी की जा रही है।
जम्मू की रेलवे कालोनी की रहने वाली तीन सगी बहने खुशबू (15), कोमल (11) व काजल (9) पुत्री राजू पांडे हरिद्वार हरकी पैड़ी पर अकेली पहुंच गई। उनके अकेले होने पर हरकी पैड़ी पर श्रद्घालुओं के फोटो खिंचने वाले कैमरामैन को हुई। कैमरामैन ने अकेली लड़कियों को देख मामले की गंभीरता समझते हुए हरकी पैड़ी पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने तीनों लड़कियों को अपने पास बुलाया और उनके संबंध में जानकारी दी। कोई सटीक जानकारी न देने पर उन्हें नगर कोतवाली में भेज दिया गया। कोतवाल महेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि तीनों ने अपने को सगी बहने बताया है। उन्होंने जम्मू से 360 रुपये का टिकट लिया और वह हरिद्वार पहुंच गई। तीनों किशोरियों ने बताया कि उनके माता-पिता का स्वर्गवास हो चुका है। वह अकेली हैं। रेलवे कालोनी में रहकर वह एक घर में काम करके अपना गुजारा कर रही हैं। उन्हें बुधवार की शाम को 5 बजे वाली ट्रेन से जम्मू के लिए रवाना होना था। महेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि तीनों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की टीम को सौंपा जाएगा। फिलहाल स्वास्थ्य परीक्षण करा दिया गया है।
फोन करते रहे नहीं पहुंचे समिति संचालक
जम्मू से पहुंची तीन सगी बहनों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के पदाधिकारियों को नगर कोतवाली के एसआई राजेश कुमार ने दोपहर दो बजे फोन किया। पहले तो समिति के संचालक फोन पर आने का आश्वासन देते रहे। लेकिन शाम तक नहीं आने पर फिर से फोन किया तो समिति के सदस्यों ने बृहस्पतिवार को आने की बात कही।