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श्रावण के पहले दिन पहुंचे हजारों कांवड़िए

Wed, 20 Jul 2016 11:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला हरिद्वार
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कांवड़ - फोटो : अमर उजाला
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हरिद्वार। श्रावण के पहले दिन भगवान शिव कनखल आकर दक्षेश्वर बन गए। पहले दिन हजारों की संख्या में कांवड़िए विभिन्न भागों से हरिद्वार आए। चूंकि   बृहस्पतिवार के सवेरे पांच दिनों के पंचक लग रहे हैं, अत: वापसी भी बराबर चल रही है। यह सिलसिला दस दिनों यूं ही जारी रहेगा।
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शिव के आते ही दक्ष नगरी की रौनक बढ़ गई है। जो कांवड़िए पांच दिनों के पंचकों को मानते हैं, वे बड़ी संख्या में दो दिन से वापस लौट रहे हैं। बुधवार के कांवड़ियों में राजस्थान के कांवड़ियों की संख्या सर्वाधिक रही। मध्यप्रदेश के अलावा पंजाब से भी अनेक कांवड़िए पहुंचे। चूंकि बृहस्पतिवार का सूर्योदय होने से पूर्व ही पांच दिनों के पंचक लग रहे हैं, अत: हरियाणा के कांवड़ियों पर कुछ विराम लग सकता है। अलबत्ता कांवड़ यात्रा बदस्तूर जारी रहेगी। बहुत से प्रांतों के कांवड़िए पंचकों को नहीं मानते। पांच दिनों के पंचक 26 जुलाई को हट जाएंगे। उसके बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा से बड़ी संख्या में कांवड़िए आएंगे।
हरिद्वार में बुधवार को हरकी पैड़ी से सटे क्षेत्र कांवड़ियों से भरने लगे हैं। अनेक कांवड़िए उत्तरी हरिद्वार का रुख कर रहे हैं। भीमगोडा क्षेत्र में भीड़ बढ़ने लगी है। कांवड़िए बम-बम करते हुए हरकी पैड़ी के मालवीय द्वीप के साथ-साथ पंतद्वीप से भी कांवड़ भर रहे हैं। कुछ पंडितों ने कांवड़ियों को पूजन कराने के लिए रोडीबेलवाला मैदान में रोक लिया है। अनेक कांवड़िए इस मैदान से भी कांवड़ भर रहे हैं। समूची नगरी में बनी बनाई कांवड़ बिक रही हैं। कांवड़ का एक बाजार अगले कुछ दिनों में मायादेवी प्रांगण में भी लगेगा। रेलवे रोड से लेकर खड़खड़ी तक हजारों दुकानदार इस समय अपने व्यवसाय बदलकर कांवड़ बेचने में जुट गए हैं।
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