चौदह साल की सजा पूरी कर चुके 25 कैदियों में रिहाई की आस जगी है। आईजी जेल पीवीके प्रसाद ने 54 कैदियों का साक्षात्कार लेने के बाद 25 कैदियों को चुना है। अब इन कैदियों के नाम वे शासन को भेजेंगे। शेष के नाम अभी पाइप लाइन में डाल दिए गए है।
पिछले दिनों यूपी की जेलों में कैदियों की भूख हड़ताल हरिद्वार जेल तक भी पहुंच गई थी। चौदह साल की सजा पूरी कर चुके कैदियों एवं उनके समर्थन में आए कई कैदियों ने यहां सामूहिक भूख हड़ताल की थी। जेल अधीक्षक एसके सुखीजा के आश्वासन के बाद भूख हड़ताल खत्म हो गई थी। सोमवार को आईजी जेल दोपहर करीब बारह बजे जिला जेल पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले मुलाकात घर में चौदह साल की सजा पूरी कर चुके कैदियों को संबोधित किया। फिर एक एक कर सभी से रूबरू हुए। शाम करीब पांच बजे तक चले साक्षात्कार के बाद आईजी जेल ने बेहतर आचरण, मनोस्थिति के अलावा उस घटना को विस्तार से जाना जिसको अंजाम देने के लिए वे जेल में है। आईजी ने 54 में से 25 कैदियों का चयन किया हालांकि दो कैदियों के परिजनों का कोई अता पता न होने के चलते उनके नाम प्रतीक्षारत है। शेष कैदियों की सूची को पाइप लाइन में डाल दिया गया, क्योंकि उनका अपराध बेहद गंभीर है। जेल अधीक्षक एसके सुखीजा ने बताया कि आईजी जेल शासन को इन नामों की सूची सौंपेंगे, उसके बाद ही आगे कार्रवाई होगी।