हरिद्वार। कनखल में डेंगू से एक युवती की मौत हो गई है। युवती की स्थिति में सुधार हो गया था लेकिन अगले दिन डेंगू बिगड़ने से हेमरेजिक फीवर होने से ब्लीडिंग शुरू हो गई। जौलीग्रांट में हालत में सुधार न होने पर सोमवार तड़के युवती की मौत हो गई। जिला मलेरिया विभाग पूर्व की भांति इस मौत से भी अंजान है।
कनखल निवासी जिला पंचायत के पूर्व चेयरमैन एवं गंगा सभा के पूर्व अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी के भाई महेश त्रिपाठी की पुत्री नुपूर (26) का डेंगू के चलते निधन हो गया। नुपूर को दो सप्ताह पूर्व डेंगू हो गया था। उनका इलाज मिशन अस्पताल कनखल में कराया गया। पिछले तीन दिन पहले नुपूर की प्लेटलेट्स 1.40 लाख तक पहुंच गई थी। इससे उनकी हालत में सुधार हो गया। जिसके चलते हुए उन्हें तीन दिन पहले घर भेज दिया गया। घर आने के बाद अगले दिन नुपूर की हालत फिर से बिगड़ गई और उसे ब्लीडिंग शुरू हो गई। ब्लीडिंग शुरू होते ही परिजन उसे जौलीग्रांट ले गए। लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। उन्हें रेफर करने के लिए जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर एयर एंबुलेंस को बुलाया गया। लेकिन उससे पहले नुपूर की मौत हो गई। उसके बाद परिजनों ने उसका कनखल श्मशान घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। जिला मलेरिया अधिकारी गुरनाम सिंह ने बताया कि डेंगू से किसी मरीज की मौत होने के मामले की उन्हें जानकारी नहीं है।
नुपूर को हुआ था हेमरेजिक फीवर
वरिष्ठ पैथोलॉजिस्ट डा. एसएन खान ने बताया कि हेमरेजिक फीवर डेंगू की तीसरी स्टेज होती है। इसमें हेमरेजिक टेंडेंसी (शरीर पर रैशेज, मसूड़ों से अपने आप ब्लड आना, उल्टी-दस्त के साथ ब्लड आना आदि) के साथ दो से सात दिनों तक बुखार रहता है। इसमें प्लाज्मा रक्त नलियों से बाहर आ जाता है।