हरिद्वार। गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी के निर्माण की मांग को लेकर प्रेमनगर आश्रम पुल के पास चल रहे सिख समाज के धरनास्थल पर निर्माण कार्य शुरू करने की सूचना पर सोमवार शाम जिला और पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। मौके पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सदर ने निर्माण कार्य रुकवाया और निर्माण सामग्री भी जब्त की।
प्रेमनगर आश्रम पुल के पास गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी की मांग को लेकर सिख समाज कई दिनों से धरना दे रहा है। सोमवार शाम करीब चार बजे किसी ने पुलिस को सूचना दी कि धरनास्थल पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट जयभारत सिंह, सीओ सदर जेपी जुयाल, कोतवाली प्रभारी नवीन सेमवाल समेत बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य रुकवाया। इस दौरान उनकी सिख समाज के लोगों से नोकझोंक हुई। सिटी मजिस्ट्रेट का कहना था कि किसी भी तरह का निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। इस संबंध में सिख संगत का कहना था पानी का टैंक रखने के लिए चबूतरा बना रहे थे। लेकिन प्रशासन ने उनकी नहीं सुनी और निर्माण सामग्री जब्त कर ली। गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के अध्यक्ष हरजीत सिंह दुआ ने कहा कि सिख समाज शांतिपूर्ण ढंग से अपना आंदोलन चला रहा है। इससे पूर्व सोमवार को भी सिख समाज का धरना जारी रहा। बड़ी संख्या में लोगों ने धरने में भाग लिया।
यूपी के सियासी घटनाक्रम पर टिकी निगाहें
उत्तर प्रदेश में सपा और सरकार के बीच चल रहे सियासी घटनाक्रम पर गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी से जुड़े सिख प्रतिनिधियों की भी नजर है। पिछले सप्ताह कालीपीठाधीश्वर कैलाशानंद ब्रह्मचारी के साथ जाकर सिख प्रतिनिधियों ने यूपी के सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव से मुलाकात कर गुरुद्वारे के लिए भूमि उपलब्ध कराने की मांग की थी। प्रतिनिधिमंडल का कहना है शिवपाल यादव ने उन्हें सकारात्मक आश्वासन दिया था। अब बदले घटनाक्रम के बाद निराशा हाथ लगने की उम्मीद है। सिख यूथ फेडरेशन के अध्यक्ष अनूप सिंह सिद्धू ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल के लखनऊ से लौटने के बाद समाज को जमीन मिलने की उम्मीद जगी हुई है। इसी वजह से रविवार से सभी लोगों की निगाहें लखनऊ की तरफ लगी रही।