जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग पर खोली गई शराब की 68 दुकानों को शिफ्ट नहीं करने पर एक अप्रैल से उन पर ताला लगा दिया जाएगा। विभाग की ओर से इस बारे में सभी दुकान संचालकों को आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर खुली शराब की दुकानों को बंद करने की मांग कई बार उठाई जा चुकी है। वर्ष 2008 में भी ऐसी दुकानों के हाईवे की ओर खुले दरवाजे बदलवा दिए गए थे। पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने हाईवे पर खोली गई सभी दुकानों को अन्यत्र शिफ्ट कराने के आदेश दिए थे। हरिद्वार जिले में 68 दुकानें ऐसी हैं, जो हाईवे पर खुली हैं। प्रशासन ने करीब एक महीने पहले ही इन दुकानों को शिफ्ट कराने की बात कही थी। जिला आबकारी अधिकारी एनआर जोशी ने बताया कि अगर शराब संचालकों ने हाईवे पर चल रही दुकानों को अन्यत्र शिफ्ट नहीं किया तो एक अप्रैल से उन्हें बंद कर दिया जाएगा। जिले के हरिद्वार, रुड़की और लक्सर सर्किल के प्रभारियों को इन आदेशों का अनुपालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मंदिर और स्कूलों के पास भी चल रही दुकानें
जिले में शराब की दुकानें खोलने में नियम और कानूनों को ताक पर रख दिया गया है। हाईवे पर तो अनाधिकृत रूप से दुकानें खोली ही गई हैं साथ ही मंदिरों और शिक्षण संस्थाओं के पास भी शराब की दुकानें चल रही हैं। ज्वालापुर में उत्तराखंड संस्कृत अकादमी के पास ही जिले की सबसे महंगी शराब की दुकान है। बौंगला में भी एक इंटर कालेज के पास तथा बहादराबाद में मंदिर से बमुश्किल एक सौ मीटर की दूरी पर ही शराब की दुकान है। शिवालिकनगर में भी हनुमान मंदिर के पास ही दुकान खोली गई है।
आबादी क्षेत्र में चल रहे बार की जांच भी लटकी
शिवालिकनगर में आबादी क्षेत्र में ही शराब के बार खोल देने के मामले में महिला नेत्री राखी सजवाण ने आवाज उठाई थी, लेकिन जांच के नाम पर इस मुद्दे को लटका दिया गया है। पॉश कालोनी शिवालिकनगर आवास विकास ने विकसित की है। सिडकुल बनने के बाद से इस कालोनी में व्यावसायिक गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं। यहां आबादी के बीच ही बार भी खोल दिए हैं। महिला नेत्री राखी सजवाण की ओर से इस बारे में जिलाधिकारी और शासन में शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।