हरिद्वार। शुक्रवार की शाम ऋषिकेश से हरिद्वार आई ऋषिकेश दिल्ली पैसेंजर ट्रेन से नोटों से भरा बैग हरिद्वार स्टेशन पर नहीं उतारा गया। बाद में जब ट्रेन को वाशिंग लाइन लाया गया तो कर्मचारियों की नजर बैग पर पड़ी। कर्मचारियों ने कैश से भरा बैग उतारा और अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।
ऋषिकेश दिल्ली पैसेंजर ट्रेन शुक्रवार की शाम ऋषिकेश से हरिद्वार आई। रेलवे के अधिकारियों ने ऋषिकेश के नजदीक पड़ने वाले वीरभद्र स्टेशन पर कैश से भरा एक बैग में ट्रेन में रखकर हरिद्वार भिजवा दिया। बैग में 78,362 रुपये थे। यह बैग हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर उतारा जाना था। आरपीएफ और रेलवे की लापवाही के कारण कैश बैग को हरिद्वार स्टेशन पर नहीं उतारा गया। गनीमत रही कि ट्रेन को कहीं और नहीं जाना था। ट्रेन वाशिंग लाइन भेज दी गई।साफ सफाई करते समय कर्मचारी मोनू की निगाह पहले कोच में रखे कैश बैग पर पड़ी। उन्होंने इसकी जानकारी अपने दूसरे साथियों को दी। जेई प्रहलाद मीणा ने तत्काल कैश बैग की वीडियो बनाकर अपने अधिकारियों व आरपीएफ को सूचना दी। मौके पर पहुंचे आरपीएफ के अधिकारियों ने कैश बैग को कब्जे में लेेकर बैग में रखे पैसों की गिनती की। गिनती करने पर बैग से 78,362 रुपये मिले । इसके बाद कैश बैग को स्टेशन अधीक्षक एमके सिंह को सौंपा गया।
दो पैकेट खाली
कैश बैग की गिनती के दौरान 18 पैकेट निकले जिसमें से 16 पैकेट में तो रुपये निकले पर दो पैकेट खाली थे। इस पर वीरभद्र स्टेशन पर पता किया गया कि कितने रुपये भेजे थे वहां से 78,362 रुपये भेजने की पुष्टि होने पर सभी ने राहत की सांस ली।
सील नहीं किया कैश बैग
लापरवाही का आलम यह रहा कि रेलवे अधिकारियों ने कैश बैग पर सील तक लगना उचित नहीं समझा। बैग पर किसी की नजर नहीं पड़ी नहीं तो रेलवे को नुकसान उठाना पड़ सकता था।
आरपीएफ की चेकिंग पर सवाल
कैश बैग जब भी स्टेशन पर आता है तो आरपीएफ के गार्ड की जिम्मेदारी होती है कि वह स्टेशन मास्टर को सौंप कर जाए, लेकिन यहां स्टेशन पर आरपीएफ का सिपाही ही मौजूद नहीं था। वाशिंग लाइन में भी आरपीएफ के दो सिपाही की तैनाती की जाती है। एक सिपाही दिन में तो एक सिपाही रात में ड्यूटी करता था, लेकिन गाड़ी जब यहां पहुंची तो एक भी सिपाही मौके पर तैनात नहीं था। सूचना देने के बाद भी आरपीएफ को आने में डेढ़ घंटा लगा।
यह मामला अभी मेरी जानकारी में नही है यदि ऐसा कोई मामला है तो जिसकी भी लापरवाही होगी उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- प्रमोद कुमार, डीआरएम