हरिद्वार। हाउस और सीवर टैक्स व जल कर को लेकर बृहस्पतिवार को विभिन्न अखाड़ों, धर्मशालाओं के प्रतिनिधियों और व्यापारियों ने विधायक मदन कौशिक और मेयर मनोज गर्ग के साथ पंचायत कर टैक्स कम कराने पर जोर दिया। इस दौरान कांग्रेस के नेता तथा पार्षद भी मौजूद रहे। निर्णय लिया गया बोर्ड बैठक से टैक्स कम करने का प्रस्ताव पारित कराकर भेजा जाए तब सरकार के स्तर पर बात कर कार्रवाई कराई जाएगी।
कनखल स्थित पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़े में हुई पंचायत में शामिल सभी लोगों ने एक स्वर में टैक्स का विरोध किया। उदासीन बड़ा पंचायती अखाड़े के कोठारी मोहन दास ने कहा कि सभी जगह एक ही जैसा टैक्स होना चाहिए। कहा कि देहरादून में 5 प्रतिशत, 10 और अधिकतम 15 प्रतिशत कर लिया जाता है। जबकि हरिद्वार में 25 प्रतिशत कर लगाया गया है। देवानंद सरस्वती ने कहा कि नगर निगम में खाली पड़ी संपत्तियों पर भी कर लगाना गलत है। धर्मशालाओं प्रबंधकों ने कहा कि कई बार पेयजल की समस्या को लेकर अधिकारियों से बात की जा चुकी है लेकिन अधिकारी सुनते नहीं। बैठक में नगर निगम, पेयजल विभाग सहित ऊर्जा निगम के अधिकारियों को भी बुलाया गया था।
इस मौके पर रविंद्र पुरी, सुरेंद्र नाथ अवधूत, सुखदेव मुनि, रामकृष्ण महाराज, विनोद गिरी, महंत ललितानंद, अनिल मिश्रा, राजेश शर्मा, विजय शर्मा, सुभाष शर्मा, प्रेम प्रकाश सतलेवाल, बृजभूषण विद्यार्थी महेश गौड़, विकास तिवारी आदि शामिल रहे। विधायक मदन कौशिक मेयर मनोज गर्ग और पूर्व पालिकाध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी ने अपने स्तर से इस बारे में हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। विधायक ने कहा कि बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित कराकर शासन को भेजा जाए जिससे वहां बात की जाएगी।
विधायक और पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष में नोकझोंक
हरिद्वार। पंचायत में मदन कौशिक और मेयर मनोज गर्ग पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी से कई मुद्दों पर नोकझोंक हुई। मामला इतना बढ़ गया कि साधु संतों को बीच बचाव कराना पड़ा।
मेयर मनोज गर्ग ने जैसे ही बोलना शुरू किया और सरकार पर आरोप लगाने लगे तो पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी भड़क गए। धीरे धीरे नोंकझोंक शुरू हो गई। ब्रह्मचारी मेयर और विधायक पर शहर की उपेक्षा के आरोप लगा रहे थे। विधायक मदन कौशिक ने भी जल कर लगाने के लिए कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
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17 को होगी बोर्ड बैठक
मेयर मनोज गर्ग ने कहा कि 17 जून को बोर्ड की बैठक होगी। जिसमें हाउस टैक्स को कम करने वाले प्रस्ताव को लाया जाएगा।