चिड़ियापुर बॉर्डर पर जांच से पहले एंट्री करते लोग ।
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जिले में डेल्टा ही नहीं ओमिक्रॉन वैरिएंट भी तेजी से फैल रहा है। जीनोम सीक्वेंसिंग की सुविधा नहीं होने से ओमिक्रॉन के मरीजों का पता नहीं चल पा रहा है। ऐसा ही मामला हरिद्वार में सामने आया है। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक जिले में 14 मरीजों में ओमिक्रॉन की पुष्टि हुई है। इनमें अधिकतर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी हैं। यह रिपोर्ट उस वक्त आई है जबकि सभी 14 मरीज पूरी तरह ठीक होकर आइसोलेशन अवधि से बाहर आ चुके हैं। हालांकि, सभी कोरोना पॉजिटिव होने के बाद होम आइसोलेशन में चले गए थे। आरटीपीसीआर में रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने के बाद इनके सैंपल जीनोम सीक्वेसिंग के लिए भेजे गए थे। अब सैंपलों की जांच रिपोर्ट ओमिक्रॉन पॉजिटिव आई है। अधिकांश मरीज ठीक होकर अपने काम पर लौट आए हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मरीजों के ठीक होकर काम पर लौट आने से चिंता की कोई बात नहीं है।
चिड़ियापुर बॉर्डर पर मिला एक संक्रमित
चिड़ियापुर बॉर्डर पर सोमवार को सात सौ लोगों की कोरोना जांच की गई। सोमवार को बाहरी राज्यों से आ रही बसों को चिड़ियापुर बॉर्डर पर रोककर हरिद्वार में प्रवेश करने के लिए यात्रियों की एंटीजन जांच की गई। मेडिकल टीम लीडर मंजूर अहमद ने बताया कि सोमवार को सात सौ लोगों की कोरोना जांच की गई। एक की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसे लौटा दिया गया। वहीं, लाहड़पुर मेडिकल टीम लीडर फिरोज ने बताया कि सोमवार को 380 लोगों की जांच की गई। संवाद