- अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष व हरिद्वार से पहुंचे संतों को किया भव्य स्वागत
- हरिद्वार से शुरू हो रहे कुंभ को दिव्य और भव्य बनाने के साथ नासिक व उज्जैन में करेंगे प्रतिभाग
माई सिटी रिपोर्टर
हरिद्वार। अगले वर्ष हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुंभ मेले में श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल की धर्मध्वजा पटियाला से लाई जाएगी। अखाड़े के संत और महंत इस धर्मध्वजा को हरिद्वार लाकर अपनी छावनी में स्थापित करेंगे। यह निर्णय अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्रपुरी महाराज व हरिद्वार से पटियाला पहुंचे अन्य संतों के बीच हुई वार्ता के बाद लिया गया। हरिद्वार के संतों को पटियाला में भव्य स्वागत किया गया।
श्रीमहंत डॉ. रविंद्रपुरी ने बताया कि सभी 13 अखाड़ों के संतों का समर्थन इस पहल के साथ है। उन्होंने कहा कि सभी अखाड़ों के सहयोग से हरिद्वार, नासिक और उज्जैन के कुंभ मेले भव्य और दिव्य स्वरूप में संपन्न कराए जाएंगे। पटियाला स्थित श्री पंचायती निर्मल अखाड़ा गुरुद्वारे में धर्मध्वजा स्थापना दिवस कार्यक्रम में यह घोषणा की गई।
श्रीमहंत रेशम सिंह के अगुवाई में पटियाला में आयोजित निर्मल अखाड़े के कार्यक्रम में हरिद्वार से महामंडलेश्वर स्वामी वेदमूर्ति, महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी, महामंडलेश्वर स्वामी अनंतानंद गिरी, महामंडलेश्वर सत्यश्रेयानंद गिरी, महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरी और महामंडलेश्वर मोहनानंद गिरी के साथ महंत प्रज्ञान मुनि, महंत मोहन सिंह और संत जगजीत सिंह भी उपस्थित थे।
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निर्मल अखाड़े का रहा है लंबा इतिहास
निर्मल अखाड़े की धर्मध्वजा का एक लंबा इतिहास है। यह पहली बार 7 अगस्त 1862 को पटियाला में स्थापित की गई थी। यह धर्मध्वजा अखाड़े की पहचान और परंपरा का प्रतीक है। कुंभ मेले में इसकी स्थापना से अखाड़े की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाया जाएगा। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्रपुरी ने सभी 13 अखाड़ों के समर्थन की बात कही। उन्होंने बताया कि सभी अखाड़े इस पहल में सहयोग कर रहे हैं। यह एकजुटता कुंभ मेले को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। हरिद्वार के साथ नासिक और उज्जैन के कुंभ मेले भी इसी सहयोग से भव्य स्वरूप में आयोजित होंगे।