हरिद्वार। ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र में सर्राफा कारोबारी के परिवार को खाने में नशीला पदार्थ देकर बेहोश करने के बाद नेपाली मूल की महिलाएं सामान, नकदी और जेवरात चोरी करने में सफल नहीं हो पाई। ऐनवक्त कारोबारी की बेटी घर पर पहुंच गई, जिस वजह से दोनों महिलाएं वहां से भाग निकलीं। पुलिस की जांच में ये बात सामने आई है।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी महिलाओं के खिलाफ प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। अलग-अलग टीमें दोनों की तलाश में नेपाल की सीमा वाले इलाकों में रवाना कर दी गई हैं। वहीं परिवार के सदस्यों की हालत में अब सुधार बताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, आरके एन्क्लेव कॉलोनी निवासी यशपाल मल्होत्रा अपने परिवार के साथ रहते हैं। कुछ समय पहले दिल्ली स्थित सूरज एजेंसी के माध्यम से अनिशा राय और पुष्पा नाम की दो नेपाली मूल की महिलाओं को घरेलू कामकाज के लिए रखा गया था। आरोप है कि बृहस्पतिवार शाम करीब पांच बजे दोनों नौकरानियों ने चोरी की नियत से परिवार के खाने में नशीला और जहरीला पदार्थ मिला दिया। खाना खाने के बाद यशपाल मल्होत्रा, उनकी पत्नी जीत मल्होत्रा के अलावा पोते अव्य और हर्षिव बेहोश हो गए।
इसी दौरान हरिलोक कॉलोनी में रहने वाली यशपाल मल्होत्रा की बेटी लवली अचानक वहां पहुंच गई। तब उन्होंने ने देखा कि मां लडखड़ा रही है और अन्य सभी सदस्य अचेत पड़े हैं। लवली को देखते ही दोनों नौकरानियां चकमा देकर फरार हो गईं। इस मामले में लवली के पति गौरव कुमार निवासी हरिलोक कॉलोनी ज्वालापुर ने मुकदमा दर्ज कराया है। उनका आरोप है कि इस घटना में नौकरानियों को उपलब्ध कराने वाली एजेंसी की भूमिका भी संदिग्ध है। एसपी सिटी पंकज गैरोला ने बताया कि आरोपी महिलाओं की तलाश में टीमें जुटी हैं। एजेंसी की भूमिका की जांच के लिए भी एक टीम दिल्ली भेजी गई है। जल्द ही दोनों महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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बेटी न पहुंचती तो जेवरात, नकदी ले जाती दोनों
पुलिस का भी मानना है कि सही समय पर लवली अपने मायके पहुंच गई। अगर वह पहुंचने में थोड़ी भी देरी हो जाती तो दोनों नौकरानियां परिवार के सदस्यों के बेहोश होने के बाद घर के अंदर से नकदी और जेवरात के अलावा कीमती सामान भी समेटकर चोरी कर ले जाती। मगर लवली के पहुंचने पर दोनों का प्लान फेल हो गया।
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सिनर्जी अस्पताल में चल रहा चारों का उपचार
पुलिस के मुताबिक बेहोशी की हालत में परिवार के चारों सदस्यों को बृहस्पतिवार की रात पहले सीटी अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन यहां से परिवार उन्हें देहरादून स्थित सिनर्जी अस्पताल में ले गए थे। जहां चारों का उपचार चल रहा है और वह आईसीयू में भर्ती हैं। फिलहाल उनकी हालत में सुधार है। पुलिस टीम ने भी अस्पताल पहुंचकर उनसे पूछताछ की है।
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भिंडी की सब्जी और मेगी में मिलाया था नशीला पदार्थ
पुलिस की जांच में सामने आया कि दोनों महिलाओं ने भिंडी की सब्जी और मैगी में नशीला पदार्थ मिलाया था। मैगी और भिंडी की सब्जी खाते ही घर में मौजदू दोनों बुजुर्ग और दो बच्चे बेहोश हो गए। पुलिस ने सब्जी, मैगी को भी जांच के लिए लैब में भिजवाया है।