हरकी पैड़ी के सामने शिवालिक पर्वत माला पर हुए भूस्खलन के कारण कई बड़े-बड़े पत्थर गिर गए जिनकी चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हुए एक अधेड़ की जान बाल-बाल बच गई जबकि एक खोखा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। भूस्खलन से क्षेत्र में भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई। आनन फानन में घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ।
रविवार शाम करीब चार बजे शिवालिक पर्वत माला से भूस्खलन के कारण एकाएक भरभराकर एक दुकान के ऊपर मलबा गिर गया। दुकान के पास ही चाय पी रहा गोपाल नामक एक व्यक्ति मलबे की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से घायल हो गया जबकि अस्थायी दुकान का आधा हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दुकानदार ने भी बाहर की तरफ भागकर खुद की जान बचाई। मलबा गिरते ही पूरे क्षेत्र में अफरा तफरी का माहौल बन गया। चौकी प्रभारी केदार सिंह चौहान तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए। लहूलुहान हालत में उसे तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया। चौकी प्रभारी केदार सिंह चौहान ने बताया कि घायल गोपाल (55) की हालत खतरे से बाहर है। वह गंगा घाट पर ही रहता है। अस्थायी दुकान से मलबा हटवाया जा रहा है।
किसी की जान जाने पर टूटेगी नींद
हरिद्वार। यह कोई पहली बार नहीं हुआ है जब शिवालिक पर्वत माला से मलबा दरका हो। पूर्व में भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। उसकी एक बड़ी वजह पहाड़ को खोखला कर देना है। आमजन वहां लगातार अवैध निर्माण कर रहे हैं लेकिन एचआरडीए को कोई लेना देना नहीं है। न ही जिला प्रशासन की नींद टूट रही है। सिस्टम की लापरवाही की सजा एक न एक दिन किसी को अपनी जान देकर चुकानी पड़ सकती है।