हरिद्वार। चौबीस वर्ष बाद अर्द्धकुंभ के अवसर पर पड़ रही मौनी अमावस्या और सोमवती इस बार बड़े पुण्य योग लेकर आ रही हैं। सोमवती बेहद पवित्र माने जाने वाले श्रवण नक्षत्र में पड़ रही है। तिथि पूर्णा होने के कारण आधी रात से ही सोमवती का स्नान प्रारंभ हो जाएगा। यह स्नान सोमवार को सायंकालीन आरती के समय तक चलता रहेगा।
अमावस्या के दिन श्रवण नक्षत्र का रहना पहले ही शुभ माना गया है। रविवार चतुर्दशी की रात 9.20 पर अमावस्या तिथि लग जाएगी। उस समय उत्तराषाढ़ा नक्षत्र रहेगा। अमावस्या का स्नान आधी रात के बाद कभी भी प्रारंभ किया जा सकता है। शास्त्री मान्यता है कि भोर की बेला में मुहूर्त काल प्रारंभ होता है। चूंकि अमावस्या के दिन श्रवण नक्षत्र आ जाएगा, अत: किसी भी समय स्नान करने से उतना ही पुण्य प्राप्त होगा। मौनी अमावस्या के दिन अर्द्घकुंभ दूसरा स्नान भी है। यहां उल्लेखनीय है कि हरिद्वार कुंभ के आयोजन में सूर्य का विशेष महत्व रहता है। इस बार सूर्य के सहयोगी चंद्रमा अमावस्या के दिन ही कुुुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। यह प्रवेश बहुत तड़के हो जाएगा। यद्यपि उसी समय पंच भी प्रारंभ हो रहे हैं, जिनका कोई प्रभाव शुुुभ स्नानों पर नहीं पड़ता। पवित्रम माघ मास का शुभारंभ पुष्य नक्षत्र से हुआ था। यह महीना मघा नक्षत्र में संपन्न होगा। कृष्ण पक्ष का समापन श्रवण नक्षत्र में होने से उस दिन गंगा स्नान का कईं गुणा फल प्राप्त होगा।