हरिद्वार। कांवड़ यात्रा शुरू होते ही पहले दिन स्वास्थ्य विभाग ने 5 शिविर शुरू कर दिए। इसके अलावा अन्य तैयारियां करनी शुरू कर दी है। 20 जुलाई से 15 दिन तक चलने वाली यात्रा में हरकी पैड़ी से लेकर नारसन बार्डर तक 14 अस्थायी शिविर बनाए जाएंगे। इसके अलावा 9 सरकारी एंबुलेंस के साथ 108 की भी मदद ली जाएगी। हरिद्वार के जिला, रुड़की के सिविल अस्पताल सहित रास्ते में पड़ने वाले सीएचसी, पीएचसी पर एहतियातन 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं संचालित रहेंगे। जरूरत पड़ने पर निजी अस्पतालों की भी सेवा ली जाएगी।
मंगलवार को कांवड़ यात्रा के लिए 5 शिविर कराने शुरू कर दिए। 28 डॉक्टरों की सेवाएं कांवड़ यात्रा के लिए शुरू कर दी गई। अन्य 32 डाक्टरों की सेवाएं एक दो दिन में शुरू कर दी जाएगी। शिविर में कुल 50 डाक्टर लगाए जाएंगे। 14 अस्थायी शिविर बनाएं जाएंगे। जिनमें हर की पैड़ी, सीएमओ डा. बीएस जंगपांगी ने बताया कि रुड़की के सिविल अस्पताल और हरिद्वार के जिला अस्पताल में 10-10 बेड सुरक्षित रखे गए हैं। गंभीर घायलों को एंबुलेंस से इन अस्पतालों में उपचार के लिए पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा कुछ निजी अस्पतालों की भी सेवाएं ली जाएंगी।