हरिद्वार। खनन का खेल हरिद्वार में प्रतिदिन नए खुलासे लेकर आ रहा है। कागजों में खनन बंद होने के बाद भी कई क्षेत्रों में यह खेल अनाधिकृत रूप से जारी है। इस बीच वन विभाग के अधिकारियों का एक नया खुलासा सामने आया है। राजाजी पार्क से सटे भूखंड को 10 किलोमीटर के दायरे से बाहर का बता कर खनन पट्टा जारी कर दिया। अब डीएम ने इस पट्टे पर हो रहे खनन पर रोक लगा दी है।
मामला संज्ञान में आने पर जिलाधिकारी ने खनन पर तत्काल रोक लगा दी है और दोबारा सीमांकन करने के आदेश दे दिए हैं। बताया गया कि लालढांग क्षेत्र में राजाजी पार्क से करीब साढ़े तीन किलोमीटर मीठीबेरी से सटे भूखंड पर एक व्यक्ति ने खनन का पट्टा आवंटित करने की मांग की थी। इस मामले में जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा वन विभाग से अनुमति मांगी गई। इस पर रिपोर्ट दी गई कि यह क्षेत्र राजाजी राष्ट्रीय पार्क की 10 किलोमीटर की परिधि से बाहर है। क्योंकि राजाजी पार्क से 10 किलोमीटर के भीतर खनन नहीं किया जा सकता। उच्च न्यायालय के भी इस बारे में आदेश हैं।
इसके बावजूद वन विभाग के अधिकारियों ने गलत रिपोर्ट दे दी है। जिसके आधार पर आवेदनकर्ता को खनन की अनुुमति प्रदान कर दी गई। इस पट्टे पर लगातार खनन भी किया जाता रहा है। इस मामले में कटरा गोकुल शाह दिल्ली निवासी मुजाहिद हुसैन ने जिलाधिकारी और मुख्य सचिव को शिकायत कर पूरे मामले से अवगत कराया। गलत रिपोर्ट देने वाले और खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जिलाधिकारी हरबंस सिंह चुघ ने बताया कि मामला संज्ञान में आने पर फिलहाल खनन पर रोक लगा दी है। इस मामले में दोबारा जांच रिपोर्ट मांगी गई है।